सर्जिकल स्ट्राइक पर दिग्विजय सिंह के बयान से राहुल गांधी ने जतायी असहमति, कहा-यह उनकी निजी राय : The Dainik Tribune

सर्जिकल स्ट्राइक पर दिग्विजय सिंह के बयान से राहुल गांधी ने जतायी असहमति, कहा-यह उनकी निजी राय

सर्जिकल स्ट्राइक पर दिग्विजय सिंह के बयान से राहुल गांधी ने जतायी असहमति, कहा-यह उनकी निजी राय

फोटो : प्रेट्र

सुरेश एस डुग्गर

जम्मू, 24 जनवरी

मोदी शासन में भारतीय सेना द्वारा पाक कब्जे वाले कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के अपने बयान पर दिग्विजय सिंह को कांग्रेस के भीतर से समर्थन न मिलने के कारण वे अलग थलग पड़ गए हैं। हालांकि भारत जोड़ो यात्रा के 130वें दिन पत्रकारों के साथ बात करते हुए राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह के बयान को उनका निजी बयान बताते हुए कहा कि यह समय देशवासियों को भाजपा-आरएसएस द्वारा बनाए गए नफरत के माहौल के खिलाफ खड़े होने का है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार को नगरोटा से दोमेल चौक के लिए रवाना हुई। आज यात्रा का 130वां दिन था। यात्रा के दौरान राहुल गांधी सुरक्षा घेरा तोड़कर सेना के जवानों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कांटेदार तार के दूसरी तरफ खड़े जवानों से हाथ भी मिलाया। कांग्रेस के शेड्यूल के तहत 25 जनवरी की सुबह 8 बजे यात्रा मैत्रा रामबन से शुरू होकर खोबाग में रुकेगी और दोपहर 2 बजे हरपुरा बनिहाल के लिए रवाना होना है। अधिकारियों का कहना था कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यात्रा के लिए समुचित सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। बस मौसम का साथ मिलना बाकी है।

झज्जर कोटली में पहुंचने पर राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए साफ कहा कि कांग्रेस या उनका दिग्विजय के बयान से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय का यह व्यक्तिगत दृष्टिकोण हो सकता है। हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उन्हें सेना पर पूरा भरोसा है। भारतीय सेना कुछ करती है तो उसे सबूत देने की कोई जरूरत नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि कश्मीर के लोगों के दिल में जो दर्द है, उसे हम सुनने और समझने आए हैं। हम सबको प्यार करते हैं, सम्मान करते हैं। समझते हैं कि जम्मू-कश्मीर मुश्किल समय से गुजर रहा है। जम्मू व कश्मीर के बीच भाजपा ने जो खाई बनाई है, हम उसे पाटने का काम करने आए हैं। मोहब्बत की हजारों दुकान हम जम्मू कश्मीर में खोलना चाहते हैं। नफरत से कुछ नहीं होता है, हिंसा से कुछ सुलझाया नहीं जा सकता है। गले लगने से काम हो सकता है। हम चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी आपको आपका अधिकार मिले।

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