शिक्षण संस्थाओं में अंग्रेजी राज से जारी निरीक्षण संस्कृति नई आर्थिक-शैक्षिक नीतियों की चर्चाओं के बावजूद कायम है। वहीं नीति नियंता मानते रहे कि निरंतर परीक्षाओं से शिक्षा की गुणवत्ता उच्च होगी व अध्यापक सतर्क रहेंगे। जबकि असल में शिक्षक...
Advertisement
टिप्पणी
Advertisement
रंगों का संदेश यही है कि हमारा समाज इंद्रधनुषी रंगों से बना है। जब सात रंग आपस में मिल जाते हैं तो इंद्रधनुष बनकर सामने आता है। एकता और सद्भाव से ही कोई समाज बहुरंगी मोहक आभा बिखेरता है। होली...
अमेरिका ने चतुराई से अपनी कैसी छवि बनाई है कि हम उसे इस धरती का स्वर्ग मानने लगे हैं, जबकि यदि नर्क जैसी कोई जगह होती हो, तो यह देश उससे भी बड़ा है। दुनियाभर में दरोगाई करके अमेरिका ने...
ओमान को भी लगा है कि बातचीत के धोखे में ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई, उनके परिवार और दूसरे टॉप ईरानी अधिकारियों की हत्या सीआईए और मोसाद के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग के बाद हुई। अली ख़ामेनेई की सत्ता पलटी...
बाजार चालित नव उदारवादी व्यवस्था शिक्षण क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लेती है, तो यूनिवर्सिटीज अपनी 'ब्रांड' वैल्यू बेचने लगती हैं। यूं भी औपनिवेशिक काल की सोच के चलते मूल रिसर्च करने के बजाय नकल की प्रवृत्ति बढ़ी। एआई इंपेक्ट समिट...
जनतंत्र संवाद के माध्यम से चलता है। देश के मतदाता ने सरकार को ही नहीं चुना, विपक्ष को भी चुना है। इसलिए दोनों को अपनी बात कहने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। आज विडंबना यह भी है कि विपक्ष न...
किसी स्थापित परंपरा को तजना हैरानीजनक है और खेल शिष्टाचार की कमी दिखाता है। जब पाकिस्तान के खिलाफ खेलने, साथ में कमेंट्री करने, प्रसारकों और टीमों को पैसा कमाने में मदद करने में कोई आपत्ति नहीं है तो मैदान पर...
मेघना नदी दस्तावेज की तार्किक सीख है कि भारत का संवैधानिक प्रारूप एक राजनीतिक विकल्प से कहीं अधिक है। यह संज्ञानात्मक लचीलेपन के लिए एक रणनीतिक संपत्ति है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कृत्रिम नैरेटिव के युग में, हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था एक...
Advertisement

