पूर्ण राज्यत्व दिवस : हिमाचल में कर्मचारियों और पेंशनरों को 31% की दर से डीए देने की घोषणा, कांस्टेबलों की पे-बैंड की समस्या भी खत्म!

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा-पेंशनरों को पंजाब की तर्ज पर मिलेंगे वेतनमान के लाभ

पूर्ण राज्यत्व दिवस : हिमाचल में कर्मचारियों और पेंशनरों को 31% की दर से डीए देने की घोषणा, कांस्टेबलों की पे-बैंड की समस्या भी खत्म!

हिमाचल प्रदेश पूर्णराज्यत्व दिवस के मौके पर मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर परेड का निरीक्षण करते हुए।

ज्ञान ठाकुर

निज संवाददाता

शिमला, 25 जनवरी

हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार चुनावी वर्ष में प्रदेश के सवा 2 लाख से अधिक कर्मचारियों और लगभग 2 लाख पेंशनरों को खुश करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। आज हिमाचल प्रदेश पूर्णराज्यत्व दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एक बार फिर कर्मचारियों के लिए सरकार का खजाना खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्यस्तरीय पूर्णराज्यत्व दिवस समारोह के मौके पर प्रदेश के कर्मचारियों को नए वेतनमान के लिए वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि का तीसरा विकल्प देने की घोषणा की। ये विकल्प पंजाब की तर्ज पर दिया गया है। इससे पहले सरकार ने नए वेतनमान के लिए कर्मचारियों को केवल दो ही विकल्प दिए थे जिसके चलते कर्मचारियों में जबरदस्त रोष था।

मुख्यमंत्री ने आज पूर्णराज्यत्व दिवस के मौके पर प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को 31 प्रतिशत की दर से अधिकारियों की तर्ज पर डीए देने की भी घोषणा की। अभी तक सरकार कर्मचारियों को केवल 28 प्रतिशत जबकि अधिकारियों को 31 प्रतिशत की दर से डीए दे रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के डीए में एक साल का अंतर रहता था जिसे अब खत्म कर दिया गया है। इससे सरकार के खजाने पर 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि प्रदेश के लगभग दो लाख पेंशनरों को पंजाब की तर्ज पर नए वेतनमान के लाभ दिए जाएंगे और इस पर लगभग हर साल दो हजार करोड़ रुपए खर्च आएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 2015 के बाद नियुक्त कांस्टेबलों को अन्य श्रेणियों की तर्ज पर सामान्य कार्यकाल के उपरांत उच्च वेतन मान के लिए पात्र मानने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो कांस्टेबल उच्च वेतनमान के पात्र हो गए हैं उन्हें संशोधित वेतनमान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2015 में नियुक्त कांस्टेबल को 2020 में पूरे वेतन के लिए पात्र माना जाएगा। ऐसे में सरकार ने कांस्टेबलों के लिए अब नियमितिकरण की अवधि 8 साल से घटाकर पांच साल कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को वेतनमान में दिए गए तीसरे विकल्प के बाद भी अगर कोई लाभ नहीं मिलता है तो सरकार इस पर भी पुनर्विचार करने को तैयार है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए आय सीमा को 35 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से हजारों लोग पेंशन के लिए पात्र होंगे।

 

 

 

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