उलटवांसी

कुछ ने काटी चांदी, कुछ के हिस्से पीर

कुछ ने काटी चांदी, कुछ के हिस्से पीर

आलोक पुराणिक

आलोक पुराणिक

आईपीएल की क्रिकेट मंडी के हालिया कारोबार की रिपोर्ट इस प्रकार है :-

कुल मिलाकर स्वदेशी का चाहे जितना हल्ला रहे, रेट तो विदेशी खिलाड़ियों के ही ऊंचे बोले गये। साउथ अफ्रीका के क्रिस मारिस 16.25 करोड़ के बिके और वेस्ट इंडीज के काइल जेमिसन 15 करोड़ के रेट में गये। आस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल के रेट भी 14 करोड़ से ऊपर रहे।

कुल मिलाकर कोरोना की मंदी का कोई असर आईपीएल मंडी में न देखा गया। झूम कर रेट लगाये गये। झूम कर विदेशी खिलाड़ी बिके। पर कुछ खिलाड़ियों की मांग में उतना उठान ना देखा गया, जितने की उम्मीद की गयी थी। बहुत बड़े भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा सिर्फ 50 लाख में बिके। इससे ज्यादा रेट तो उनके जूनियर खिलाड़ी शिवम दुबे को मिल गया 4.4 करोड़ रुपये। कुल मिलाकर कुछ की मांग भरपूर रही, कुछ की बस जैसे-तैसे रही। आईपीएल के घाट पर भई प्लेयर की भीर, कुछ ने काटी चांदी और कुछ को रह गयी पीर। कुछ को यही पीर रही कि हाय रेट ना सही लगे, कुछ भौचक्के रहे कि हाय इतनी रेट मिल गयी। हाय।

सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के रेट लगे 20 लाख रुपये। अर्जुन बाजार में आ गये हैं, रेट कहां तक जायेंगे, कहा नहीं जा सकता। फिल्म और क्रिकेट दोनों में ही शुरुआती रेट तो नाम से लग जाते हैं, बाद में दोनों ही फील्ड में पता चल जाता है कि बाप क्रिकेट या फिल्म में ला तो सकता है, पर चला नहीं सकता। इस मामले में हलवाई की दुकान ज्यादा लकी होती है। बाप हलवाई की दुकान जमा दे, तो बेटा फिर उसे आगे आराम से चला ले जाता है। निकम्मे बेटे भी हलवाई की जमी हुई दुकान चला जाते हैं। पर क्रिकेट की दुकान कुछ अलग होती है। बाप को अलग चलानी होती है औऱ बेटे को अलग चलानी होती है। शाकिब अल हसन बांग्ला देश के कुछ उन लोगों में हैं, जिनकी मांग भारत में है। शाकिब भारत में आईपीएल में 5.25 करोड़ रुपये के बिके। शाकिब के दोस्तों ने कहा कि धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश बन गया, तो उसके खिलाड़ियों को भारत में खरीद लिया जाता है। वरना पाकिस्तान के खिलाड़ियों को तो आईपीएल में घुसने न दिया जाता। पाकिस्तान टूटने का घणा फायदा बांग्लादेश के क्रिकेटरों को मिल रहा है।

कुल मिलाकर आईपीएल की मंडी में चेतेश्वर पुजारा, उमेश यादव के खास भाव ना बोले गये। उमेश यादव एक करोड़ में बिके। जो कम में बिके हैं, उनके लिए शुभकामनाएं की जा सकती हैं कि वो ज्यादा रकम तेल-साबुन-क्रीम-पाउडर बेचकर कमा लें। जो बहुत ज्यादा में बिके हैं, उनके लिए शुभकामनाएं की जानी चाहिए कि उनकी डिमांड बाजार में बनी रहे।

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