नियमों में बदलाव का विरोध

आढ़तियों ने बंद की गेहूं की खरीद

गेट पास भी ऑनलाइन कटवाने पर रोष, मैनुअल उठान की मांग

आढ़तियों ने बंद की गेहूं की खरीद

गोहाना में बुधवार को गेहूं उठान के नियमों में बदलाव का विरोध करते आढ़ती। -निस

गोहाना, 7 अप्रैल (निस)

गेहूं उठान के नियम में बदलाव करने पर बुधवार को नई अनाज मंडी के आढ़ती भड़क गए। उन्होंने नियम का विरोध करते हुए गेहूं की खरीद बंद कर दी। उनका आरोप है एजेंसी उनसे गेहूं की खरीद करने के बाद उसका रिकार्ड दर्ज करके ऑनलाइन गेट पास मांग रही है। आढ़ती यह कार्य करने में असमर्थ हैं। वे पहले की तरह मैनुअल तरीके से गेहूं का उठान करने की मांग कर रहे हैं। यह मांग लागू होने तक आढ़तियों ने खरीद न करने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में गेहूं की खरीद न होने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान डा. प्रदीप ने कुमार ने कहा कि एजेंसी उनके यहां से मैनुअल तरीके से गेहूं का उठान नहीं कर रही हैं। 

 वहीं एजेंसियों का कहना है कि आढ़ती गेहूं की खरीद करने के बाद उसे ऑनलाइन दर्ज करें, जिसके बाद ऑनलाइन ही गेट पास कटवाएं। इसके बाद ही एजेंसी दुकानों पर जाकर गेहूं का उठान करेगी।

डा. प्रदीप कुमार ने कहा कि आढ़ती ऑनलाइन उठान प्रक्रिया का विरोध करते हैं। इसके बावजूद आढ़तियों के यहां से लाइन अनुसार उठान नहीं होगा, जिसका नंबर ऑनलाइन होगा वही से उठान होगी। वह भी उतनी जितने वहां कट्टे रखे हैं। इससे गेहूं के वजन में कमी आएगी और उसकी कटौती मिलने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वह इसका विरोध करते हैं। सरकार को मैनुअल तरीके से गेहूं का उठान कराना चाहिए, तब तक वह गेहूं की खरीद नहीं करेंगे।

''आढ़तियों का उठान के नियम को लेकर विरोध है।  अब तक 9921 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है। अब वह पूरी तरह से बंद है। इसका समाधान शासन स्तर पर होना है।''  

-सविता जैन, सहायक सचिव, मार्किट कमेटी

नमी बताकर खरीदा गेहूं वापस भेजने का विरोध 

सोनीपत, 7 अप्रैल (हप्र)

बुधवार को दूसरे दिन आढ़तियों की हड़ताल की वजह से गेहूं की खरीद नहीं हो सकी।  अनाज मंडी में आढ़तियों ने मंगलवार से ही गेहूं की खरीद प्रक्रिया का विरोध करना शुरू कर दिया था। आढ़तियों का आरोप है कि मंडी से गेहूं का उठान होने के बाद गोदाम में पहुंचने के बाद गेहूं को रिजेक्ट कर वापस भेजा जा रहा है, जोकि सही नही है। आढ़तियों ने कहा कि अगर किसी गेहूं की गुणवत्ता की जांच करनी है, तो वह मंडी में करनी चाहिए। इस दौरान जो गेहूं गुणवत्ता पर खरा उतरेगा, उसे पास किया जाना चाहिए। आढ़तियों ने कहा कि बाद में गेहूं को रिजेक्ट करना गलत है। इससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। आढ़तियों ने कहा कि जब तक सरकारी अधिकारी उनकी समस्या को लेकर बातचीत नहीं करते, तब तक वे गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू करने में असमर्थ है।

मंडी में ही हो जांच

आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान संजय वर्मा का कहना है कि मंडी में से गेहूं का उठान होने के बाद फिर से रिजेक्ट करके वापस मंडी में भेजना न्याय संगत नही है। प्रशासनिक अधिकारियों से मांग है कि मंडी में ही गेहूं की गुणवत्ता की जांच करे और पास करने के बाद ही गेहूं का उठान करवाएं।

2 दिन बाद गेहूं उतारने के लिए नहीं मिलेगी जगह

रोहतक, 7 अप्रैल (हप्र)

महम मंडी में आने वाले गेहूं की खरीद का कार्य धीमी गति से चल रहा है। पिछले चार दिनों से एक दाने का उठान भी नहीं हो पाया है। आगामी दो दिनों के बाद मंडी में गेहूं की आवक जरूरत से अधिक हो जाएगी। उसके बाद किसानों को गेहूं उतारने के लिए जगह मिलनी मुश्किल है। गेहूं लेकर मंडी में आए किसानों का आरोप है कि खरीद एजेंसी के अधिकारी गेहूं के ढेरों में अनेक कमियां निकालते हुए उन्हें खरीदने से इंकार कर रहे हैं। किसी में खरपतवार तो किसी में नमी बताकर गेहूं को रिजेक्ट किया जा रहा है। किसान राजबीरए अंकित,  सुमेर ने बताया कि उन्होंने 5 व 6 अप्रेल को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया था। वे मंडी में गेहूं लेकर आए तो उनका गेट पास नहीं निकला। कर्मचारियों ने कहा कि उनका नम्बर रजिस्टर्ड नहीं हुआ है। किसानों ने बताया कि बगैर गेट पास के उनके गेहूं की बिक्री नहीं होगी। अब उनकी परेशानी बढ़ गई है। महम मंडी में  30 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई है जबकि दोनों खरीद एजेंसी ने अभी तक 5 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा है। करीब 25 हजार क्विंटल गेहूं रिजेक्ट कर दिया गया है।

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