देसी गाय की खरीद पर 25 हजार तक मिलेगी सब्सिडी : The Dainik Tribune

देसी गाय की खरीद पर 25 हजार तक मिलेगी सब्सिडी

हरियाणा सरकार ने किया नशे और जहरीली खेती के खिलाफ जंग का ऐलान

देसी गाय की खरीद पर 25 हजार तक मिलेगी सब्सिडी

करनाल में पुलिस अकादमी मधुबन में रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल नशे के खिलाफ युवाओं और अधिकारियों को शपथ दिलाते हुए। सांसद संजय भाटिया, विधायक हरविंदर कल्याण एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। -हप्र

करनाल, 26 जून (हप्र)

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में देसी गाय की खरीद पर 25 हजार रुपये तक सब्सिडी देने की घोषणा की। इसके अलावा प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम भी किसानों को नि:शुल्क दिये जाएंगे। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा। डॉ० मंगलसैन ऑडिटोरियम हॉल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का मूल उद्देश्य खान-पान को बदलना है, इसके लिए हमें खाद्यान ही औषधि की धारणा को अपनाना होगा। प्राकृतिक खेती ही इसका एकमात्र रास्ता है।

प्रदेश के 50 हजार एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है, लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए हर खंड स्तर पर एक प्रदर्शनी खेत में प्राकृतिक खेती करवाई जाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 22 कृषि विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले पोर्टल पर पंजीकृत 2 से 5 एकड़ भूमि वाले किसानों को देसी गाय खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार की कृषि तकनीक प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) से जुड़े तकनीकी सहायक प्रबंधक, ब्लॉक तकनीकी सहायक प्रबंधक व उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि विभाग की आत्मा योजना सही मायने में रसायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोगों से हमारे खेतों में पैदा हो रहे जहरीले खाद्यानों को ठीक करने के लिए एक आवाज है।

उन्होंने कहा कि सिक्कम देश का पहला राज्य है जो पूरी तरह से प्राकृतिक खेती पर आ गया है। हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में भी काफी कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि किसान अब प्राकृतिक खेती को समझने लगे हैं और कृषि विभाग द्वारा बनाए गए पोर्टल पर अब तक प्रदेश के 1253 किसानों ने स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए पंजीकरण करवाया है। उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की सराहना की, जिन्होंने प्राकृतिक खेती का प्रारूप देश के प्रधानमंत्री के समक्ष रखा है और गुरुकुल कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण संस्थान के लिए जमीन उपलब्ध करवाई है। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ हरदीप सिंह व उद्यान विभाग के महानिदेशक डा. अर्जुन सैनी ने भी विभागीय गतिविधियों बारे अवगत करवाया।

700 कृषि विकास अधिकारियों की भर्ती करेगी सरकार : दलाल

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री ने 700 कृषि विकास अधिकारियों के पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की है तथा शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पानी बचाने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत तथा किसानों के उत्पाद का पूरा दाम मिले इसके लिए भावांतर भरपाई जैसी योजनाएं लागू की हैं। बाजरा किसानों को 450 करोड़ रुपये का लाभ दिया है। इसके अलावा धान की फसल की बिजाई कम करने के लिए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि 7 हजार रुपये की राशि देने का प्रावधान किया है।

प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए धाकड़ कार्यक्रम लांच

करनाल/घरौंडा, 26 जून (हप्र/निस)

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अब सरकार, एनजीओ व समाज के सभी लोग मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने सभी विभागों के सहयोग एवं जनभागीदारी के साथ समाज से नशे और नशे के व्यापार को जड़मूल से समाप्त करने तथा एक ठोस और सामूहिक प्रयास को क्रियान्वित करने के लिए राज्य कार्य योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री हरियाणा स्टेट नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा अंर्तराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर मधुबन में आयोजित ‘मिशन नशा मुक्त हरियाणा’ के स्टेट एक्शन प्लान के लांचिंग समारोह में बोल रहे थे। इस प्राेग्राम को धाकड़ नाम दिया गया है।

उन्होंने कहा कि नशे में लिप्त हो रहे युवाओं के स्वास्थ्यवर्धन और उनके पुनर्वास के लिए ब्यूरो की यह पहल अनूठी साबित होगी। इस प्लान में नशे से ग्रस्त व्यक्ति की पहचान करके उसे उचित परामर्श और चिकित्सा देकर उसका पुनर्वास कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें रचनात्मक कार्यों विशेषकर खेलों से जोड़ने के लिए प्रदेश में 1100 खेल नर्सरियां बनाई जा रही हैं, इनसे युवाओं में खेलों का रुझान बढ़ेगा और उनमें खेल भावना का सृजन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए एक्शन प्लान के तहत स्कूल, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में धाकड़ कार्यक्रम की शुरू किया है।

इस तरह काम करेगा धाकड़

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लास के पांच बच्चों का एक ग्रुप बनाया जाएगा, जो सुस्त, एकाकी रहने वाले व चोरी छिपे नशा करने वाले बच्चे की पहचान करेंगे और उसकी सूचना क्लास टीचर यानी सीनियर धाकड़ को देंगे। गांव स्तर पर 6538 टीमें, वार्ड मिशन की 1710 टीमें, 532 कलस्टर टीम, 72 सब डिविजन टीमें, 22 जिले स्तर की टीमें और 25 हजार कैमिस्टों की टीम प्लान के तहत काम करेगी।

नशा न करने की दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऑडिटोरियम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वयं नशा न करने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने की प्रेरणा देने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का संदेश भी प्रसारित किया गया। इसमें राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा तेजी से विकास के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन युवा नशे से भी जुड़ रहे है। उसे रोककर उनके उज्जवल भविष्य के लिए काम करना है। एक्शन प्लान की स्टेट मिशन टीम के अध्यक्ष एवं प्रदेश के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने इस अवसर पर कहा कि इस प्लान से स्वास्थ्य, मेडिकल शिक्षा, गृह, आबकारी एवं कराधान तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता जैसे करीब 18 विभाग जुड़े हैं।

मैं चाहता हूं लोग कहें- हरियाणा में हैं , नशा नहीं करना है

गृह मंत्री अनिल विज ने कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ते हुए कहा कि ‘हरियाणा में नशे का कोई नाम भी न ले, लोग कहें कि हरियाणा की सीमा आ गई और नशे का नाम मुंह पर भी नहीं होना चाहिए, ऐसी स्थिति मैं हरियाणा में पैदा करना और देखना चाहता हूं’। कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद गृह मंत्री विज ने अपने आवास से समारोह में वर्चुअल हिस्सा लिया और समारोह को संबोधित कर हरियाणा को नशा मुक्त बनाने एवं इस अभियान में जुड़ने के लिए सभी से आह्वान किया। विज ने जोर देकर कहा कि ‘जो लोग समाज में नशे रूपी जहर को घोल रहे हैं, हमें उनको पकड़ना है। हम सब मिलकर ही इस कार्य को कर सकते हैं।

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