राजनीति की विडंबना मायावती, भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी के बग़ावती सुरों से सांसत में पड़ा विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’, अब जनता दल (यू) सुप्रीमो, नीतीश कुमार के ताजा पाला बदल से बिखरने के कगार पर है। विडंबना देखिए...
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अनुकूल ढालें सदियों से ऋतु परिवर्तन का चक्र चलता रहा है। सर्दी के बाद गर्मी फिर बरसात हमारे जीने के ढंग को बदलने के संकेत देते हैं। बर्फ, धूप फिर पानी फसलों की भी आवश्यकता है। आग और फाग के...
राहत देने का प्रयास देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के बाह्य और आंतरिक पक्ष अमीर-गरीब जनता की तुलनात्मक असमानता का खुलासा करते हैं। सेंसेक्स की उछाल, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि लेकिन 80 करोड़ जनता के आत्मनिर्भर न होने का...
लोकतांत्रिक मूल्य संसदीय परंपराओं में पक्ष-विपक्ष की भूमिका निभाने का हमारे सांसदों को पर्याप्त अनुभव है। जिसमें विपक्ष की आलोचना व ध्यानाकर्षण के प्रस्तावों को पूरा सम्मान मिलता रहा है। लेकिन संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे को उठाने...
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