आस्था

निश्छल प्रेम

उठाना ही महानता

उठाना ही महानता

अनुशासन से लक्ष्य

अनुशासन से लक्ष्य

त्योहार आज और कल

त्योहार आज और कल

रक्षाबंधन पर ‘भद्रा’ का साया

एकदा

एकदा

संतोष का सुख