Princess Diana: एक थीं राजकुमारी डायना... हर महिला में रहती थी उन जैसे दिखने की होड़
Princess Diana: ब्रिटेन की वेल्स की राजकुमारी डायना, जिनका जन्म 1 जुलाई 1961 को एक शाही कुलीन परिवार में हुआ था, अपने मानवीय कार्यों और करुणा के लिए आज भी याद की जाती हैं। वह जॉन स्पेन्सर, स्पेन्सर के आठवें अर्ल की तीसरी बेटी थीं। 1975 में उनके पिता को अर्ल की उपाधि मिलने पर वह "लेडी डायना स्पेन्सर" कहलाने लगीं।
29 जुलाई 1981 को उनकी शादी राजकुमार चार्ल्स से सेंट पॉल्स कैथेड्रल में हुई, जिसे दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने टीवी पर देखा। शादी के बाद उन्हें वेल्स की राजकुमारी सहित कई उपाधियाँ मिलीं। इस दंपति के दो पुत्र हुए — राजकुमार विलियम और राजकुमार हैरी।
राजकुमारी डायना ने रानी की प्रतिनिधि के रूप में कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हिस्सा लिया। उन्हें गरीबों, बीमारों और समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए कार्यों के कारण "पीपुल्स प्रिंसेस" कहा गया। 31 अगस्त 1997 को एक कार दुर्घटना में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी स्मृति आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
राजकुमारी डायना का रूप धारण करके एक समय हजारों पाउंड कमाने वालीं ब्रिटिश महिला क्रिस्टीना हेंस ने 1996 में बीबीसी से कहा था, “मेरे पास आने वाले जापानी लोगों को जब मैं बताती थी कि मैं डायना नहीं हूं तो वे रो पड़ते थे।” कुछ महीने बाद उन्होंने डायना के जैसी दिखने के अपने दायित्वों से मुक्त होने की घोषणा करते हुए कहा था कि इस काम की वजह से मानसिक रूप से परेशान और बीमार हो गई हैं। हेंस ने कहा, “मैं भी उनकी (...) तरह जॉम्बी जैसी बन गई थी। हम दोनों के लिए सार्वजनिक जीवन का तनाव बहुत बढ़ गया था।” ‘
डायनावर्ल्ड: एन ऑब्सेशन' नामक पुस्तक लिखने वाले एडवर्ड व्हाइट के अनुसार, डायना जैसे दिखने वाले अनगिनत पेशेवर लोगों में से संभवतः हेंस सबसे अधिक प्रसिद्ध थीं, लेकिन वह "वास्तव में डायना की तरह बिल्कुल भी नहीं दिखती थीं।" इस पुस्तक में आमजन की राजकुमारी के तौर पर डायना का वर्णन किया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस पुस्तक में उनके सार्वजनिक और निजी, वास्तविक व अवास्तविक जीवन पर व्यापक रूप से प्रकाश डाला गया है।
इसमें यह बताया गया है कि कुछ “आम लोगों” ने डायना को किस तरह एक हस्ती बनाया। ये आम लोग विभिन्न समुदायों से जुड़े थे, जिनमें फैशन डिजाइनर, दरबारी, हेयरड्रेसर, राजनेता, शाही नौकर, यौनकर्मी, ज्योतिष, समलैंगिक, अखबार वाले, भविष्यवक्ता, प्रशंसक, व्यंग्यकार और हमशक्ल शामिल हैं।
डायनावर्ल्ड पुस्तक में एक ऐसी डायना का वर्णन किया गया है जो कई लोगों के लिए कई तरीके से अहमियत रखती थीं। व्हाइट कहते हैं, "काफी गहराई से खोजबीन करें तो आप डायना की कई पहचानों से रूबरू होंगे, जिनमें यहूदी होने, अमेरिकी होने और रिपब्लिकन होने जैसी पहचान शामिल हैं। इसके अलावा भी उनके जीवन के कई पहलू थे।
व्हाइट के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह "अपने ब्रिटिश पूर्वजों वाले डीएनए के कारण पीले रंगत वाले एक गुलाब के फूल की तरह थीं, जो विंडसर राजशाही की शोभा बढ़ाता था। वह "किसी भी प्रकार की वर्गीय पहचान, दंभ या अभिजात्यता से मुक्त थीं।”
टोनी ब्लेयर ने एक बार एक साक्षात्कारकर्ता से कहा था कि डायना ने ब्रिटिश होने की एक नयी परिभाषा ईजाद कर दी थी। व्हाइट का मानना है, "यह कहना ज़्यादा सटीक होगा कि डायना के जरिए ब्रितानियों ने खुद की पहचान को एक नए तरीके से परिभाषित किया।"
व्हाइट ने कहा कि डायना को देश में इतना ज्यादा पसंद नहीं किया जाता था, जितना विदेश में किया जाता था। ब्रिटिश मीडिया के एक वर्ग में तो विदेश में उनकी लोकप्रियता को कोई खास तवज्जो नहीं दी जाती थी। व्हाइट ने बताया कि डायना का व्यक्तित्व किस प्रकार वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय था।
व्हाइट लिखते हैं अमेरिका यह दावा करता था कि डायना “एक अमेरिकी राजकुमारी” हैं। उन्होंने कहा कि डायना अमेरिका में कई लोगों के लिए सपनों की राजकुमारी हुआ करती थीं। लेखक ने कहा कि डायना अक्सर विंडसर पैलेस की सख्ती और ब्रिटिश प्रेस की दकियानूसी से बचकर हजारों मील दूर अमेरिका में स्थानांतरित होने की इच्छा व्यक्त करती थीं। हालांकि डायना तो ऐसा नहीं कर पाईं, लेकिन उनके बेटे प्रिंस हैरी जरूर अपनी पत्नी मेगन और बच्चों के साथ 2020 में अमेरिका जाकर बस गए।
पाकिस्तान, भारत और अफ्रीका व पश्चिम एशिया के देशों की यात्रा के दौरान डायना को एक ऐसी राजकुमारी के रूप में देखा गया, जिसकी छवि सभी प्रकार की वास्तविक व गैर-वास्तविक सामाजिक बाधाओं से परे थी। व्हाइट ने पाकिस्तानी महिलाओं के एक समूह का किताब में जिक्र किया है।
व्हाइट के अनुसार वे महिलाएं डायना के ब्रिटिश-पाकिस्तानी हृदय शल्य चिकित्सक हसनत खान से डायना के संभावित विवाह के विचार को लेकर रोमांचित थीं। चार्ल्स और डायना के 1986 के जापान दौरे से पहले हजारों जापानी स्कूली बच्चों को डायना रोबोट गुड़िया उपहार में दी गईं।
डायना जैसी दिखने वाली कई लड़कियां डायना विग पहने सुपरमार्केट में दिखाई देने लगीं। व्हाइट कहते हैं कि एक समय तो ऐसा आया कि ब्रिटेन के केंसिंग्टन से लेकर जापान के क्योटो शहर तक लड़कियों के बीच डायना जैसी दिखने की होड़ सी मच गई थी। सड़कों पर डायना जैसी दिखने वाली महिलाओं की भीड़ हुआ करती थी। ऐसे में कई बार यह बताना मुश्किल हो जाता था कि असली डायना कहां हैं। एक जुलाई, 1961 को जन्मीं डायना का 31 अगस्त 1997 को सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था।