बारिश का कहर मकानों में दरारें, गौशालाएं ढहीं, 52 सड़कें बंद
सिरमौर जिले में मानसून की विदाई भी भारी पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बारिश के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्तियों के साथ-साथ फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
बारिश के कहर ने कई लोगों के घरों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। गत दिन नाहन के बनकला पंचायत में खजुरना गांव के रमजान पुत्र मुंशी का मकान पूरी तरह से रहने लायक नहीं बचा है। मकान की दीवारों में बड़ी दरारें आ गई हैं और इसका लगभग 80 फीसदी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। ददाहू तहसील के कटाहां गांव में मान सिंह के कच्चे मकान को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका अनुमानित नुकसान 50 हजार रुपये है।
वहीं पच्छाद और शिलाई क्षेत्रों में गौशालाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। पझौता के द्राबला गांव में राधा देवी की गौशाला की छत गिर गई और दीवारों में दरारें आ गई हैं। वहीं, शिलाई के कमरऊ तहसील के जाखल में उदय राम की गौशाला को भी लगभग 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
सड़कें और पानी की सप्लाई ठप
जिले में भारी भूस्खलन और मलबा गिरने से 52 सड़कें दूसरे दिन भी बंद रहीं। लोक निर्माण विभाग के पांवटा साहिब डिवीजन में 14 सड़कें बंद हैं। शिलाई में 11, राजगढ़ में 10, नाहन में 10, संगड़ाह में 6 और सराहां में 1 सड़क बंद है। यात्री और वाहन चालक गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करने को मजबूर हैं। किसान भी अपनी फसलें बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जलशक्ति विभाग की पांवटा साहिब डिवीजन में 10 योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें 9 पेयजल और 1 सिंचाई योजना शामिल है। विभाग ने इस नुकसान का अनुमानित मूल्य 35 लाख रुपये आंका है।