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Chinmoy Krishna Das: बांग्लादेश में हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण को जेल भेजने के आदेश, भारत ने जताया कड़ा रुख

हिंदू संगठन ‘सम्मिलित सनातनी जोत' से जुड़े हैं चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी
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चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी। X/@Chinmoykrishnad
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ढाका, 26 नवंबर (भाषा)

Chinmoy Krishna Das: बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार को हिंदू संगठन ‘सम्मिलित सनातनी जोत' के नेता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। भारत ने इस पर ‘‘गहरी चिंता'' जतायी और बांग्लादेशी प्राधिकारियों से हिंदुओं एवं सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

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‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम' के अनुसार, ‘‘चट्टगांव के छठे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट काजी शरीफुल इस्लाम की अदालत ने मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11:45 बजे यह आदेश सुनाया।''

समाचार पोर्टल ने बताया कि हिंदू पुजारी को जमानत नहीं मिलने पर उनके अनुयायियों ने अदालत परिसर में नारे लगाने शुरू कर दिए। बांग्लादेश पुलिस ने सोमवार को दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था।

पुलिस की जासूसी शाखा के प्रवक्ता रिजाउल करीम ने कहा, ‘‘दास को (नियमित पुलिस) के अनुरोध के अनुसार हिरासत में लिया गया।'' हालांकि, आरोपों का ब्योरा दिए बिना गिरफ्तारी की गई।

‘सनातनी जागरण जोत' के प्रमुख संयोजक गौरांग दास ब्रह्मचारी के हवाले से ‘बीडीन्यूज24' समाचार पोर्टल ने सोमवार को कहा कि दास को ढाका से हवाई मार्ग से चट्टगांव जाना था।

इससे पहले, 30 अक्टूबर को चट्टगांव के कोतवाली पुलिस थाने में दास समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर हिंदू समुदाय की एक रैली के दौरान चट्टगांव के न्यू मार्केट इलाके में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें: भारत

भारत ने बांग्लादेश में हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार किए जाने और उन्हें जमानत नहीं दिए जाने पर मंगलवार को ‘‘गहरी चिंता'' जतायी और बांग्लादेशी प्राधिकारियों से हिंदुओं एवं सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

बांग्लादेश पुलिस ने हिंदू समूह ‘सम्मिलित सनातनी जोत' के नेता दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार किया था। बांग्लादेश की एक अदालत ने मंगलवार को दास की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत नहीं मिलने का गहरी चिंता के साथ संज्ञान लिया है।

दास ‘बांग्लादेश सम्मिलित सनातन जागरण जोत' के प्रवक्ता भी है। उसने कहा, ‘‘यह घटना बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों द्वारा हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर कई हमले किए जाने के बाद हुई है।'' विदेश मंत्रालय ने कहा कि अल्पसंख्यकों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ चोरी, तोड़फोड़ और देवी-देवताओं और मंदिरों को अपवित्र करने के ‘‘कई मामले'' हुए हैं जो ‘‘दस्तावेजों में दर्ज'' हैं। बयान में कहा गया, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन घटनाओं के अपराधी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन शांतिपूर्ण सभाओं के माध्यम से वैध मांगें उठाने वाले एक धार्मिक नेता के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं।''

विदेश मंत्रालय ने दास की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर भी चिंता जतायी। मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश के प्राधिकारियों से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। हम शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उनके अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।''

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