सिरसा में 50 लाख रुपये कीमत से लगाए गए डस्टबिन के गायब होने के बावजूद 38.62 लाख रुपये ट्री गार्ड का ठेका दिया गया है। नगर परिषद ने शहर के विभिन्न एरिया में 1500 ट्री गार्ड लगाने का ठेका दा माता शीतला को-ऑपरेटिव लेबर एवं कंस्ट्रक्शन सोसायटी को दिया। ठेके की शर्त के अनुसार 14 अगस्त, 2024 से 13 सितंबर 2024 की अवधि में 1500 ट्री गार्ड लगाए जाने थे। इसके लिए ठेकेदार को 38 लाख 62 हजार 141 रुपये दिए जाने थे।
जानकारी के अनुसार ठेका की शर्त के अनुसार नगर परिषद द्वारा चिह्नित जगहों पर ट्री गार्ड लगाए जाने थे। ठेकेदार को 1095 दिन यानी तीन वर्षों तक इन ट्री गार्ड की देखभाल करनी थी। ठेकेदार के कार्य की निगरानी की जिम्मेवारी नगर परिषद के जेई प्रवीण कुमार को सौंपी गई थी। लेकिन न शहर में कहीं 1500 पौधे दिखाई पड़ रहे हैं और न ही 1500 ट्री गार्ड।
चूंकि ट्री गार्ड के लिए पौधारोपण किया जाना था और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने थे। ट्री गार्ड की सलामती की जिम्मेवारी ठेकेदार की थी। सूत्र बताते है कि शहर में 1500 ट्री गार्ड कहां लगे, कोई नहीं जानता। शहर में सड़क किनारे कहीं न पेड़ दिखाई देते है और न ही ट्री गार्ड? सूत्रों के अनुसार अधिकारियों से मिलीभगत कर निम्न दर्जे के ट्री गार्ड लगाए अवश्य गए थे लेकिन एक वर्ष की अल्प अवधि में ही वे टूट चुके हैं। ट्री गार्ड का सीमेंट टूटकर गिर चुका है और लोहे का जाल दिखाई पड़ रहा है। ट्री गार्ड की संख्या का कोई पुख्ता विवरण नहीं है जबकि विभाग की ओर से इनकी पेमेंट की जा चुकी है।
50 लाख के डस्टबिन भी हो गए थे गायब
नगर परिषद सिरसा द्वारा आधे शहर में यानी 15 हजार घरों में दो-दो डस्टबिन बांटने का फैसला लिया गया जिस पर 50 लाख रुपये खर्चे गए। इन डस्टबिन की खरीद और संख्या तथा वितरण को लेकर विवाद रहा। भाजपा नेताओं की ओर से तब शिकायत भी की गई थी। कितने डस्टबिन आए और कितने लगे, यह आज भी यक्ष प्रश्न है? इनकी क्वालिटी और कीमत को लेकर भी सवाल उठे और जांच की मांग की गई।