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सिक्किम के सीएम ने माता के दरबार में लगाई हाजिरी

लोहारू के पहाड़ी गांव के मंदिर में मंत्रियाें, अफसरों के साथ की पूजा । लोगों की खुशहाली की कामना
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भिवानी/लोहारू, 2 जुलाई (हप्र/निस)

सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तमांग ने अपनी कैबिनेट के 3 मंत्रियों और प्रधान सचिव, आवासीय आयुक्त सहित बुधवार को लोहारू के गांव पहाड़ी स्थित पहाड़ी माता मंदिर में मात्था टेका और मंत्रोचारण के साथ पूजा अर्चना की और माता के दरबार में छत्र व चुनरी भी भेंट की।

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इस अवसर पर उन्होंने सिक्किम और हरियाणा प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की। पहाड़ी माता मंदिर में आयोजित हवन में भी आहुति डाली तथा आरती में शामिल हुए।

इस दौरान सिक्किम के भवन तथा आवास मंत्री भीमहांग, वन एवं पर्यावरण मंत्री पिनछो नामगेल, ऊर्जा सलाकार संजीत खरेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शंकरदेव ढकाल आईएएस, आवासीय आयुक्त आईपीएस अधिकारी अश्वनी कुमार चंद, सूचना अधिकारी डीपी अधिकारी, राजू सातरोड, संदीप बाबू, सुभाष आदमपुर, लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल, डीएसपी भारत भूषण, तहसीलदार नवनीत, थाना प्रभारी अशोक कुमार, वीरेंद्र फरटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व गणमान्य नागरिक पूजा में शामिल रहे।

पहाड़ी माता मंदिर में सुरेश शास्त्री चैहड़िया, योगेंद्र शास्त्री, संजय शास्त्री, अशोक शास्त्री, धनेश शास्त्री, राकेश शास्त्री, प्रशांत शास्त्री, राजेश व अशोक शास्त्री, अग्निदेव व कपिल ने वेद मंत्रो के साथ मुख्यमंत्री की पूजा करवायी।  सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तमांग पहले भी माता के दरबार में आकर पूजा अर्चना कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग सिक्कम से गांव पहाड़ी माता के दरबार में पहुंचे और सभी मंदिरों में माथा टेका। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पहाड़ी माता मंदिर में आकर उन्हें बहुत खुशी और शांति मिली है। वे भविष्य में भी पहाड़ी माता मंदिर परिसर में माता के दर्शनार्थ आते रहेंगे और माता से हरियाणा प्रदेश और सिक्किम के लोगों की खुशहाली के लिए मन्नत मांगते रहेंगे।

देश-विदेश से आते हैं लोग

पहाड़ी माता मंदिर में सुरेश शास्त्री चैहड़िया ने बताया कि पहाड़ी माता मंदिर अति प्राचीन मंदिर है। ये मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र है। एक किंवदंती के अनुसार अज्ञातवास के दौरान पांडव भी इस पहाड़ी पर ठहरे थे। साल में दो बार नवरात्र में यहां मेला लगता है। लाखों श्रद्धालु माता के दरबार में माथा टेकर मन्नत मांगते हैं और उनकी मन्नत को माता पूरी करती है। देश और विदेश में रहने वाले महाजन सेठ और व्यापारी साल में दो बार पहाड़ी माता मंदिर में आकर माथा टेकते हैं और माता की पूजा करते हैं।

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