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स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की मांग, कम से कम 20 ग्रेस मार्क्स दे बोर्ड

10वीं की मैथ्स की परीक्षा का पेपर आउट आफ सिलेबस आने का मामला
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भिवानी, 1 मार्च (हप्र)

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की दसवीं कक्षा की परीक्षाओं में मैथ्स के पेपर में हुई त्रुटियों के लिए प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा ने मांग की है कि सभी बच्चों को कम से कम 20 ग्रेस मार्क्स दिए जाएं। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि 10वीं कक्षा का मैथ्स का पेपर बहुत ही मुश्किल था। इसमें करीब तीस नम्बरों का पेपर सिलेबस से बाहर का था। पेपर के बाद सभी स्कूल संचालकों, अध्यापकों, बच्चों और उनके पेरेंट्स में भारी रोष है। साथ ही यह पेपर हरियाणा बोर्ड द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सैंपल पेपर्स और ब्लू प्रिंट से भी मैच नहीं करता।

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एसोसिएशन ने पेपर मैथ्स के टीचर्स से चेक करवाया तो उन्होंने भी इसे बहुत मुश्किल बताया। टीचर्स ने कहा कि करीब 30 नम्बर के प्रश्न एनसीईआरटी की किताबों में से नहीं हैं, जबकि हरियाणा बोर्ड की गाइड लाइन कहती है कि बच्चों को एनसीईआरटी सिलेबस पढ़ाया जाए और उसी में से पेपर भी बनाया जाए। रामअवतार शर्मा ने कहा कि बोर्ड के पेपर बनाने के नियमों के हिसाब से भी 100 में से कम से कम 50 प्रतिशत पेपर का डिफिकल्टी लेवल आसान होना चाहिए, 30 प्रतिशत पेपर ऐसा होना चाहिए जो साधारण बच्चा भी कर ले, और 20 प्रतिशत का डिफिकल्टी लेवल ऐसा होना चाहिए जो होशियार बच्चा कर ले।

लेकिन इस पेपर का डिफिकल्टी लेवल इतना है कि होशियार से होशियार बच्चा भी 70 परसेंट से ज्यादा नंबर नहीं ला पाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल बोर्ड चेयरमैन और शिक्षा मंत्री से मिलेगा और उन्हें तथ्यों से अवगत करवाएगा।

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