मंत्री विपुल गोयल ने दिए रिटायर्ड तहसीलदार को चार्जशीट करने के आदेश
जमीन फ्रॉड का मामला गांव बास रतनथल से जुड़ा हुआ है। यहां एक स्वतंत्रता सेनानी की 5 एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराये जाने की शिकायत लेकर पीड़ित परिजन बैठक में पहुंचे थे। तत्पश्चात भूमि विक्रय के मामले में राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने तत्कालीन तहसीलदार को चार्जशीट करने व जमीन का सौदा करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। बैठक में शहर की अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां व नगर परिषद की जमीन पर कब्जे किये जाने का मुद्दा भी उठा। जिसे लेकर विपुल गोयल सख्त दिखाई दिये। उन्होंने अधिकारियों को जमीनों का सर्वे करवाकर तारबंदी कराने के निर्देश दिये। साथ ही खसरा नंबर 242 की विवादित प्रोपर्टी आईडी जारी किये जाने की विस्तृत जांच के आदेश दिये। एक शिकायतकर्ता श्रीराम ने राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी कर जमीन पर गलत तरीके से कब्जे करने की शिकायत की तो मंत्री ने इस मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी।
शहर की सनसिटी कॉलोनी के लोग भी बैठक में पहुंचे और उन्होंने हो रही जलापूर्ति की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा कि वे जब भी इसकी शिकायत करने डीटीपी मनदीप सिहाग के पास जाते हैं तो वे घरों में आरओ लगवाने की सलाह देते हैं। इस बात को लेकर विपुल गोयल ने डीटीपी को फटकार लगाई। साथ ही सनसिटी बिल्डर के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करने के निर्देश दिये। गांव बालधन खुर्द निवासी रिछपाल ने शिकायत दी कि उनके खेत की जमीन के समीप अवैध रूप से सात-आठ फुट तक मिट्टी की खुदाई कर ली गई है। इस मामले में मंत्री ने एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए।
बैठक में कुल 14 परिवादों की सुनवाई करते हुए 11 का मौके पर ही निपटारा कर दिया। बैठक में डीसी अभिषेक मीणा, एसपी हेमेंद्र मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना पोपली, नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम यादव, एडीसी राहुल मोदी, रेवाड़ी के एसडीएम सुरेश कुमार, बावल के एसडीएम मनोज कुमार, कोसली के एसडीएम विजय कुमार यादव, नगराधीश जितेंद्र कुमार, नगर आयुक्त ब्रह्म प्रकाश आदि मौजूद रहे।
