जींद आदेश के बावजूद अस्पताल से बाहर नहीं हो रहा वन स्टॉप सखी सेंटर
जींद के सिविल अस्पताल में महिला एवं बाल विकास विभाग का वन स्टॉप सखी सेंटर नहीं हटाया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग के भरसक प्रयासों के बावजूद यह अस्पताल से हटने का नाम नहीं ले रहा। लगभग 7 साल पहले सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में महिला एवं बाल विकास विभाग ने घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए वन स्टॉप सखी सेंटर खोला था। इसके लिए अस्पताल के तीन से ज्यादा कमरों का एक पूरा ब्लॉक महिला बाल विकास विभाग को दिया गया था।
बीते माह स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों ने सिविल सर्जन को आदेश दिए थे कि एक सप्ताह में सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से वन स्टॉप सखी सेंटर को बाहर किया जाए। जिस ब्लॉक में वन स्टॉप सखी सेंटर चल रहा है, उसमें एमआरआई ब्लॉक बनाया जाए। इसके बाद जींद के सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर (पीएमओ) कार्यालय ने महिला बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय को पत्र लिख सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से अपने वन स्टॉप सखी सेंटर को कही और शिफ्ट कर अस्पताल की बिल्डिंग को खाली करने को कहा। इस सिलसिले में पीएमओ कार्यालय अब तक महिला बाल विकास विभाग को 5 रिमाइंडर भी भेज चुका है, मगर महिला बाल विकास विभाग ने वन स्टॉप सखी सेंटर को शिफ्ट नहीं किया है। सिविल अस्पताल के पीएमओ का काम देख रहे डॉ आरएस पूनिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सचिव आरएस ढिल्लों और स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक डॉ मनीष बंसल के आदेशों के बाद वन स्टॉप सखी सेंटर को सिविल अस्पताल से बाहर करने के लिए महिला बाल विकास की कार्यक्रम अधिकारी को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। सिविल अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं के लिए जगह कम पड़ रही है।