बिजली निगम के जेसीओ ने रची खुद से लूट की साजिश, तीन साथी गिरफ्तार
करीब नौ दिन पहले दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के जूनियर सिस्टम इंजीनियर से हुई पांच लाख 10 हजार रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि इस लूट की साजिश स्वयं मामले के शिकायतकर्ता ने ही बनाई थी। दरअसल उसने विभाग से ऋण लिया था, जिसको चुकाना न पड़े, इसके लिए उसने यह कहानी गढ़ी।
हालांकि पुलिस ने शिकायतकर्ता को अभी गिरफ्तार नहीं किया है लेकिन उसके तीन साथियों सातरोड खुर्द निवासी रोहित, वीर उर्फ भरता और अक्षय उर्फ टिंडा को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के कब्जे से लूट की पूरी राशि और वारदात में प्रयोग मोटरसाइकिल बरामद कर लिया है। तीनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस बारे में एचटीएम थाना पुलिस ने गत 18 अगस्त को बिजली विभाग के जूनियर सिस्टम इंजीनियर राहुल की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने ताया था कि दोपहर के समय वह जिंदल चौक स्थित एचडीएफसी बैंक से पांच लाख 10 हजार रुपये की नकदी निकालकर अपने पिट्ठु बैग में रखकर स्कूटी पर सवार होकर सेक्टर 1-4 स्थित अपने घर जा रहा था। सेक्टर क्षेत्र में पुल के नीचे एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन युवकों ने उसकी स्कूटी रुकवाई और बैग छीनकर फरार हो गए।
जांच अधिकारी उप-निरीक्षक नेहरा सिंह ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शिकायतकर्ता राहुल स्वयं ही इस वारदात में शामिल था। राहुल ने विभाग से पांच लाख, 10 हजार रुपये का लोन लिया था। लोन चुकाने से बचने के लिए उसने आरोपियों के साथ मिलकर यह नकली लूट की योजना बनाई थी।