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खाद की कालाबाजारी को लेकर अलर्ट, सीमाओं पर लगाए 9 नाके 

सोनीपत, 4 जुलाई (हप्र) खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग चौकस हो गया है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के खाद को अन्य...
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सोनीपत, 4 जुलाई (हप्र)
खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग चौकस हो गया है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के खाद को अन्य जिलों या अन्य प्रदेशों में पहुंचने से रोकने के लिए सीमाओं पर नाके लगा दिए गए हैं। वहीं अब खाद के साथ अन्य सामान बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ भी एक्शन के लिए टीमों का गठन किया गया है।
बता दें कि खरीफ सीजन की शुरूआत हो चुकी है। जिसकी वजह से डीएपी और यूरिया खाद की डिमांड काफी अधिक बढ़ गई है। ऐसे में खाद की कालाबाजारी होने की आशंका भी बढ़ गई है। सोनीपत जिले की सीमा पानीपत, झज्जर, रोहतक, जींद जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और दिल्ली राज्यों से भी लगती है। ऐसे मे सोनीपत के खाद को सोनीपत में ही रोकने के लिए कृषि विभाग ने पुलिस विभाग के साथ तालमेल स्थापित करके 9 नाके स्थापित किए है।

संयुक्त निदेशक ने मांगा खाद का रिकॉर्ड

शुक्रवार को खाद की मौजूदा स्थिति को लेकर सभी जिलों के कृषि उपनिदेशकों की कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। बैठक में कृषि मंत्री भी शामिल रहे। इस दौरान प्रत्येक जिले से खाद का रिकॉर्ड मांगा गया। डीएपी और यूरिया खाद की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ लगने वाले रैक पर भी चर्चा हुई। सोनीपत जिले में मौजूदा समय में यूरिया और डीएपी खाद की स्थिति संतोषजनक बताई गई। जिले में खरीफ सीजन के दौरान डीएपी की डिमांड 11 हजार एमटी रहती है। जिसके अंतर्गत मौजूदा समय में करीब 5800 एमटी डीएपी सोनीपत में पहुंच चुका है। वहीं डीएपी के साथ एनपीके खाद व अन्य खाद भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। वहीं जिले में करीब 49 हजार एमटी यूरिया खाद की डिमांड पूरे खरीफ सीजन के दौरान होती है। इसमें से 43 हजार एमटी यूरिया पहुंच     चुका है।

50 प्रतिशत भूमि में हो चुकी है बिजाई व रोपाई

सोनीपत जिले में खरीफ सीजन के दौरान लगभग 1.50 लाख हेक्टेयर भूमि में विभिन्न प्रकार की फसलों की बिजाई व रोपाई की जाती है। मौजूदा समय में करीब 50 प्रतिशत क्षेत्र मे फसलों की बिजाई व रोपाई का काम पूरा किया जा चुका है। जुलाई माह में दूसरे सप्ताह से यूरिया खाद की डिमांड बढ़ जाती है। जबकि पहले सप्ताह तक डीएपी खाद की डिमांड अधिक रहती है।
सोनीपत जिले में मौजूदा समय में खाद की संतोषजनक स्थिति बनी हुई है। जल्द ही डीएपी खाद का रैक लगेगा। किसान यूरिया खाद की खरीद एडवांस में ही कर रहे हैं। मुख्यालय से निर्देश प्राप्त हुए है कि खाद के साथ अगर कोई विक्रेता अन्य सामान बेचने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं।
-डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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