विजिलेंस ने हरप्रीत सिंह गुलाटी को किया गिरफ्तार, छह दिन के पुलिस रिमांड मंजूर
आय से अधिक संपत्ति मामले में मजीठिया के सहयोगी पर कार्रवाई जारी
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को शराब कारोबारी हरप्रीत सिंह गुलाटी को गिरफ्तार कर मोहाली की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी। हरप्रीत गुलाटी जेल में बंद पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह मजीठिया के सहयोगी माने जाते हैं।
हरप्रीत सिंह गुलाटी पर ये हैं आरोप
विजिलेंस का आरोप है कि मजीठिया ने गुलाटी के माध्यम से दिल्ली और शिमला में संपत्तियां खरीदीं और यह पूरा लेनदेन शराब कंपनियों के जरिए किया गया। जांच एजेंसी ने बताया कि वर्ष 2007 में हरप्रीत और उनके भाई अमरप्रीत गुलाटी का व्यवसाय केवल कार एक्सेसरीज तक सीमित था, लेकिन अकाली दल सरकार बनने के बाद राजनीतिक निकटता के कारण उन्होंने शराब कारोबार से जुड़े कई नए कंपनियां शुरू की। इन कंपनियों ने मजीठिया और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
विजिलेंस के अनुसार, शुरू में गुलाटी को सरकारी गवाह बनाया गया था, लेकिन पूछताछ के दौरान वह स्पष्ट जानकारी देने में विफल रहे और कई सवालों पर सहयोग से इंकार किया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। गुलाटी के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनका मुवक्किल सरकारी गवाह हैं और उनकी गिरफ्तारी जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला है जिसमें एजेंसी ने अपने ही गवाह को गिरफ्तार किया।
सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच में कई व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और मामले को सुलझाने के लिए गुलाटी से पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने इस दलील को मानते हुए छह दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया।
वहीं मजीठिया से जुड़े अन्य मामले में भी कार्रवाई जारी है। विजिलेंस ने हाल ही में मोहाली अदालत में याचिका दायर कर उनके साले गजपत सिंह ग्रेवाल को भगोड़ा घोषित करने की मांग की है। सुनवाई 1 दिसंबर को तय है। मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में 25 जून को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

