Tribune
PT
About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

ओवरफ्लो हुआ सेम नाला टूटने की कगार पर

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी व राजनेता
  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Advertisement

पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के चलते एक ओर जहां कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है वहीं दूसरी ओर समय पर सफाई न होने के कारण गांव सैदावाली के पास से गुजरता सेम नाला ओवरफ्लो होकर आज टूटने की कगार पर पहुंच गया। इसका पता चलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पोकलेन मशीन से पुल के नीचे फंसी जलकुंभी निकालने का कार्य शुरू कर दिया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। इस मौके पर एसडीएम ने माना कि फंड के अभाव में सेम नाले की सफाई का कार्य नहीं हो पाया। जिस कारण यह स्थिति सामने आई है।

इस बारे में जानकारी देते हुए गांव सैदावाली की महिला सरपंच सुमन देवी के पति रमन कुमार ने बताया कि पिछले दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण बीती रात से नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और कई स्थानों पर सेम नाले का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों की ओर जाने लगा। जिससे सेम नाला टूटने की कगार पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि इसका पता चलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन को इस बारे में सूचित किया। जिस पर एसडीएम कृष्ण पाल राजपूत, ड्रेनेज विभाग के एसडीओ राहुल राहुल जैन सहित अन्य अधिकारी व राजनेता मौके पर पहुंचे तथा जायजा लिया। सरपंच ने बताया अगर यह सेम नाला टूटता है तो 2000 एकड़ जमीन की फसलें, नरमा कपास, धान और किन्नू के बाग इसकी चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले कई बार संबंधित अधिकारियों को इस सेम नाले की सफाई कराने की मांग की गई थी। लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि अगर समय रहते सेम नाले की सफाई करवाई जाती तो आज यह स्थिति सामने नहीं आती। क्योंकि वर्तमान समय में बड़ी मात्रा में बहकर आई जलकुंभी के कारण ही सेम नाला ओवर फ्लो हुआ है।

वहीं एसडीएम कृष्णपाल राजपूत ने बताया कि सेम नाले के ऊपर से गुजरती पाईपलाईन के सुरक्षा जाल में फंसकर बड़ी तादाद में जलकुंभी एकत्रित हो गई। जिससे पानी का बहाव रुक गया और नाले के किनारे टूटने की कगार पर पहुंच गए। जिसके लिए पोकलेन मशीन लगाकर सफाई कार्य शुरू करवा दिया गया और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की संभावना है। सेम नालों की सफाई न होने के सवाल पर श्री राजपूत ने कहा कि प्रशासन ने भी कई बार सरकार को पत्र लिखा लेकिन समय पर फंड उपलब्ध न होने के कारण उसकी सफाई नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी माना कि अगर समय पर सफाई होती तो ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। लेकिन प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी नजर बनाए हुए हैं और लोगों की मदद के लिए हर समय उपलब्ध रहेगा।

Advertisement
×