बरनाला में आशा वर्कर्स और फैसिलिटेटरों की हड़ताल जारी
आशा वर्कर्स और आशा फैसिलिटेटर्स साझा मोर्चा, पंजाब अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए सिविल अस्पताल बरनाला में लगातार धरना दे रहा है और उन्होंने पूरे काम का बहिष्कार कर रखा है। शुक्रवार को धरने के दौरान, जिला अध्यक्ष संदीप कौर और ब्लॉक बरनाला अध्यक्ष चरणजीत कौर ने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की सैकड़ों आशा वर्कर-फैसिलिटेटर्स 17 साल से बिना वेतन के, बहुत कम भत्तों पर स्वास्थ्य विभाग में काम करते हुए बड़े पैमाने पर शोषण का शिकार हो रही हैं। उनकी जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है, जिस कारण उन्हें मजबूर होकर संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने मांग की कि 10 साल की सेवा पूरी कर चुकी सभी आशा वर्कर्स और फैसिलिटेटर्स के लिए विभाग में न्यूनतम मजदूरी का कानून लागू किया जाए और उन्हें छठे वेतन आयोग के अनुसार, न्यूनतम 26,000 रुपये का वेतन देकर नियमित किया जाए। इस मौके पर जिला अध्यक्ष संदीप कौर, बरनाला ब्लॉक अध्यक्ष चरणजीत कौर, प्रकाश (अध्यक्ष, धनौला ब्लॉक), सिमरजीत कौर (अध्यक्ष, महल कलां ब्लॉक), गुरदीप कौर (अध्यक्ष, तपा ब्लॉक) सहित बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स और फैसिलिटेटर्स मौजूद थीं। आशा वर्कर्स और फैसिलिटेटर्स की चल रही हड़ताल का सीधा असर सिविल अस्पतालों के कामकाज पर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से इन वर्कर्स के काम छोड़ देने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम हो गई है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही कोई हल निकलेगा ताकि स्वास्थ्य सेवाएं फिर से पटरी पर आ सकें। यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर 31 अगस्त तक सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव कर संघर्ष और तेज करेंगे। शुक्रवार को सिविल सर्जन बरनाला, डॉ. बलजीत सिंह ने खुद सरकारी अस्पताल में आशा वर्कर्स और आशा फैसिलिटेटर्स साझा मोर्चा द्वारा दिए जा रहे धरने पर आकर यूनियन से मांग पत्र लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाकर हल करवाने की कोशिश की जाएगी।