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केंद्रीय बजट में पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार : हरपाल चीमा

चंडीगढ़/संगरुर, 23 जुलाई (हप्र/निस) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र ने पंजाब के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि बिहार, आंध्र की तरह पंजाब को भी विशेष पैकेज मिलना चाहिए, लेकिन...
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चंडीगढ़/संगरुर, 23 जुलाई (हप्र/निस)

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र ने पंजाब के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि बिहार, आंध्र की तरह पंजाब को भी विशेष पैकेज मिलना चाहिए, लेकिन इस बार केंद्रीय बजट में पंजाब को कुछ नहीं मिला। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए कुछ भी पेश नहीं किया गया है और न ही पंजाब को कोई बड़ा उद्योग दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा पंजाब के साथ भेदभाव करती रही है और हमेशा पंजाब विरोधी फैसले लेती रही है। उसी प्रकार आज का बजट भी पंजाब विरोधी है और केंद्र ने पंजाब को निराश किया है।

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उधर, बजट पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 पूरी तरह से पंजाब के प्रति भेदभाव वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में पंजाब की कोई भी मांग स्वीकार नहीं की गई है और पंजाब के किसानों के लिए फसल विविधीकरण या ऋण माफी के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया है।

सुखबीर बादल ने ट्वीट किया कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए किसी कर रियायत की घोषणा नहीं की गई है, जो पड़ोसी पहाड़ी राज्यों को दी गई रियायतों से पंगु हो गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार एमएसपी और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करना और सभी फसलों की खरीद के लिए धन आवंटित करने में विफल रही है। सुखबीर बादल ने कहा कि केंद्रीय बजट में गरीबों और युवाओं की भी अनदेखी की गई है और मनरेगा में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। आय असमानता को दूर करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 5,000 रुपये प्रति माह की प्रशिक्षुता योजना भी एक दिखावा है, क्योंकि इस टोकन राशि का लाभ उठाने के लिए युवा बड़ी कंपनियों में शामिल नहीं हो पाएंगे।

सुखबीर बादल ने कहा कि जिस तरह से बजट बनाया गया है, उससे साबित होता है कि सरकार ने गठबंधन की मजबूरियों के कारण राष्ट्रीय हितों की अनदेखी की है। सरकार का समर्थन करने वाले प्रमुख सहयोगियों को एकतरफा धन आवंटित किया गया है, जिससे प्रमुख राज्यों को धन से वंचित कर दिया गया है। इन सबकी समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को इस तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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