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पूटा चुनाव नौरा और अशोक ग्रुप के सामने टीम प्रवीण बनी चुनौती

पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) के निवर्तमान प्रधान अमरजीत सिंह नौरा की टीम को इस बार भी प्रो. अशोक कुमार का पैनल कड़ी टक्कर दे रहा है जबकि यूआईईटी के प्र‍वीण कुमार गोयल पूटा चुनाव को तिकोना बनाने में लगे...
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पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) के निवर्तमान प्रधान अमरजीत सिंह नौरा की टीम को इस बार भी प्रो. अशोक कुमार का पैनल कड़ी टक्कर दे रहा है जबकि यूआईईटी के प्र‍वीण कुमार गोयल पूटा चुनाव को तिकोना बनाने में लगे हैं। नौरा टीम में प्रधानी के लिये अमरजीत नौरा, सचिव के लिये मृत्युंजय कुमार, उपप्रधानी के लिये सिमरन कौर, संयुक्त सचिव के लिये तंजीर कौर और कोषाध्यक्ष के लिये दीपक कुमार चुनाव मैदान में हैं। कार्यकारिणी के लिये ग्रुप चार व पांच से क्रमश: केशव मल्होत्रा और रजनी निर्विरोध चुने गये हैं जबकि नौरा ग्रुप ने गौतम बहल, खुशप्रीत बराड़, नितिन अरोड़ा, सुमेधा सिंह, अरुण बंसल, जसप्रीत कौर, सुरिंदर पाल सिंह, विजय कुमार, अमिता सरवाल, दीपक गुप्ता, नीरज अग्रवाल और प्रशांत नंदा को मैदान में उतारा है। प्र‍वीण गोयल ने गौरव कलोत्रा, मनराज सिंह, शिवानी शर्मा, रजत संधीर, संतोष उपाध्याय, सुप्रीत कौर मान, अनुपम बाहरी, नीलम गोयल सोनिया शर्मा पर दांव खेला है जबकि अशोक ग्रुप ने पंकज श्रीवास्तव, सुधीर मेहरा, विनोद कुमार, जगदीश राय, इकरीत बल, विजयपाल सिंह, कुलविंदर सिंह, मिंटो रतन पर बाजी लगायी है। मजे की बात ये है कि निर्विरोध चुनी गयी रजनी को तीनों गुटों ने अपना बताया है। अशोक-जयंती दत्ता प्रधान व सचिव पद के लिये जबकि सुरूचि आदित्य उप-प्रधान और पूजा आहुजा संयुक्त सचिव व हरमेल सिंह कोषाध्यक्ष पद के लिये टक्कर देंगे। दूसरी ओर प्रवीण गोयल प्रधान पद के लिये, सुमन सुमी सचिव, सर्वनरिंदर कौर उप-प्रधान, विशाल शर्मा संयुक्त सचिव और सोनिया भारद्वाज कैशियर पद के लिये चुनौती पेश करेंगी। पिछले साल गोयल ग्रुप पूरी तरह से नौरा धड़े के साथ था लेकिन इस बार अलग है और अमरजीत नौरा टीम के लिये मुश्किलें पैदा कर रहा है।

पिछले आठ साल के पूटा पर काबिज नौरा-मृत्युंजय टीम ने पिछले वर्ष में टीम द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को गिनाया। प्रधान प्रोफेसर अमरजीत सिंह नौरा ने पीयू प्रशासन के साथ मिलकर चलने और धरना-प्रदर्शन न करने की बात पर कहा कि जब सभी काम पॉजीटिव तरीके से हो रहे हों और फैकल्टी खुश हो तो ऐसे कामों की जरूरत ही नहीं। सीनेट न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला चांसलर के लेवल पर अटका है। उधर, अशोक कुमार और प्रो. जयंती दत्ता के नेतृत्व वाले टीचर्स वॉइस यूनाइटेड फ्रंट ने भी अपनी इपलब्धियां बतायीं अौर घोषणा पत्र में कई वादे किये।

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