पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत मिलने वाले मुफ्त और सस्ते राशन में सामने आई अनियमितताओं पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, ताकि किसी जरूरतमंद को जीवनयापन में कठिनाई ना हो। ऐसे में लाभार्थियों की सूची में धांधली बेहद चिंताजनक है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि केंद्र द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में एनएफएसए के कुल 28.24 लाख लाभार्थियों में से करीब 5.32 लाख लोग संदिग्ध श्रेणी में पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न सिर्फ गरीबों के हक पर चोट है, बल्कि करदाताओं के पैसों का भारी दुरुपयोग भी है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि मामले की गहन जांच कर अपात्र लोगों को सूची से बाहर किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि पीडीएस व्यवस्था लाखों परिवारों के लिए जीवनरेखा है, और इसका दुरुपयोग प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं बल्कि सीधे-सीधे गरीबों के अधिकारों का हनन है। अनुराग ने राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया कि सिर्फ एनएफएसए ही नहीं, बल्कि सभी केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं की पात्र लोगों तक सही ढंग से पहुंच सुनिश्चित की जाए।
सांसद ने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए सरकार को त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करनी होगी, जिससे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक निर्बाध रूप से पहुंच सके।

