मुख्यमंत्री सुक्खू का आपदा क्षेत्रों का दौरा : वित्त वर्ष में विनाश का पैमाना अधिक, राहत कार्य तेज़
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को चंबा और कांगड़ा जिलों के आपदा क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में आपदा से हुआ विनाश पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है, हालांकि सरकार के पूर्व-निवारक कदमों से जान-माल का नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा।
आपदा क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे सीएम के चॉपर की नहीं हो पाई लैंडिंग
मुख्यमंत्री ने पठानकोट वायुसेना स्टेशन से भरमौर के लिए हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी, लेकिन खराब मौसम के कारण लैंडिंग संभव नहीं हो पाई। इसके बावजूद उन्होंने चंबा मुख्यालय पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सड़कें, बिजली, पानी और संचार सेवाएं भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा, "राज्य को पुनर्वास की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जनता के सहयोग से हम इस आपदा से उबरेंगे।"
राहत कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने एनएचपीसी भवन, करियां में जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने फंसे लोगों को भोजन, पानी, आश्रय और अन्य सुविधाएं तत्काल मुहैया कराने को कहा। चंबा-भरमौर को जोड़ने वाले एनएच-154ए को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने और अस्थायी रूप से बिजली व जलापूर्ति शुरू करने के आदेश भी दिए।
आपदा क्षेत्रों का दौरा करने के दैरान कलसूईं में श्रद्धालुओं से बातचीत
मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त कलसूईं क्षेत्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने प्रभावित श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनके लिए की गई बस व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यहां से शुक्रवार को करीब 5000 श्रद्धालुओं को नूरपुर और पठानकोट भेजा गया। जम्मू-कश्मीर की ओर से आए श्रद्धालुओं के लिए छोटे वाहनों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने सलूणी-खुंडीमारल सड़क को जल्द खोलने के निर्देश दिए।
मणिमहेश यात्रा स्थगित, हजारों श्रद्धालु फंसे
राजनीति पर निशाना
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष राहत कार्यों में सहयोग करने के बजाय अफवाह फैलाने और सस्ती राजनीति में जुटा है। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा को स्थगित करने का निर्णय पूर्णतः मौसम को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा, "हिमाचल प्रदेश देवभूमि है, यहां की आस्था से खिलवाड़ करना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
जलवायु परिवर्तन को बताया आपदा का कारण
मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य में बार-बार हो रही बादल फटने की घटनाओं को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इसका गहन अध्ययन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने विशेषज्ञ समूह गठन का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।
विक्रमादित्य ने किया जिला चंबा में क्षतिग्रस्त सड़कों का निरीक्षण
मानवीय दृष्टिकोण से कार्य कर रही है सरकार
उन्होंने बताया कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी चंबा से पैदल भरमौर के लिए रवाना हुए हैं, जो सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सड़क संपर्क बहाली के लिए पोकलेन, जेसीबी और भारी मशीनरी तैनात की गई है। मौसम चुनौती बना हुआ है, लेकिन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है।
आपदा क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक नीरज नैयर, सुरेश कुमार, पूर्व मंत्री आशा कुमारी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।