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बाढ़ संकट के बीच बीएसएफ का बड़ा राहत अभियान

सीमावर्ती जिलों फिरोजपुर और गुरदासपुर के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। गांवों में चारों तरफ पानी भर जाने से ग्रामीण घरों में फंस गए थे। संकट की इस घड़ी में सीमा...
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में बाढ़ में फंसे लोगों को नाव के जरिये बाहर निकालते बीएसएफ के जवान।
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सीमावर्ती जिलों फिरोजपुर और गुरदासपुर के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। गांवों में चारों तरफ पानी भर जाने से ग्रामीण घरों में फंस गए थे। संकट की इस घड़ी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर राहत व बचाव अभियान शुरू किया। बीएसएफ की विशेष वॉटर विंग टीमों, हेलीकॉप्टरों और मोटरबोट्स की मदद से गांव टिब्बा, मल्लांवाला, मकराना, दत्तूपुरा, डेरा बाबा नानक और काहलवां समेत कई इलाकों से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। बीएसएफ के जवान लगातार दिन-रात राहत कार्यों में जुटे रहे और अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

बचाव कार्यों के दौरान जवानों ने बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित निकाला। कई जगहों पर बीमार और विकलांग लोगों को कंधों पर उठाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। स्थानीय प्रशासन ने भी राहत कार्यों में पूरी तत्परता दिखाई। प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पेयजल और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई

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जा सके।

ग्रामीणों ने बीएसएफ और प्रशासन दोनों का आभार जताते हुए कहा कि अगर समय रहते जवान और अधिकारी नहीं पहुंचते, तो हालात और गंभीर हो सकते थे। बीएसएफ की मानवीय पहल ने न केवल सैकड़ों जिंदगियां बचाईं बल्कि बाढ़ से जूझ रहे लोगों में यह विश्वास भी जगाया कि संकट की हर घड़ी में यह बल न सिर्फ सीमाओं का प्रहरी है, बल्कि जनता का सच्चा रक्षक भी है।

बेघर हुए पीड़ितों ने स्कूल

में लगाया डेरा

संगरूर (निस) : लहरागागा के पास हरियाऊ गांव के लोग घरों में बारिश का पानी घुसने से बेघर हो गए हैं। जिसके कारण लोग स्कूल में रहने को मजबूर हैं। बारिश के पानी से प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गईं। आज स्वास्थ्य विभाग मूनक की मेडिकल टीम स्कूल पहुंची। स्वास्थ्य विभाग ने एक कैंप लगाकर लोगों को बीमारियों से बचने के लिए  जागरूक किया।

पटियाला में भी बाढ़ की चेतावनी जारी

चंडीगढ़ (एजेंसी) : हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा नालों में जलस्तर बढ़ने के बाद पंजाब के कई इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए शुक्रवार को विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ अभियान शुरू किया। भारी बारिश के कारण शुक्रवार को पटियाला में भी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई। पटियाला जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा और चंडीगढ़ में सुखना झील के द्वार खोल दिए जाने के बाद नदी के किनारे बसे कई निचले गांवों के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। इस बीच, गुरदासपुर जिला प्रशासन ने डेरा बाबा नानक में प्रभावित लोगों तक दवाइयां, सूखा राशन और पानी की बोतलें सहित राहत सामग्री पहुंचाने के लिए ड्रोन की सेवा ली है।

कांग्रेस के विधायक राहत कोष में देंगे एक महीने का वेतन

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब कांग्रेस के विधायकों ने मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में एक महीने का वेतन देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मान ने भी बृहस्पतिवार को कहा था कि उनकी पूरी कैबिनेट, सभी आप विधायकों और उन्होंने बाढ़ राहत प्रयासों के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है।

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