मतदाता सूची रिवीजन : 17.5 लाख चले गए राज्य से बाहर
नयी दिल्ली/पटना, 14 जुलाई (एजेंसी)
बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत 4.4 प्रतिशत यानी 35 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम वोटर सूची से बाहर हो सकते हैं। विपक्षी दलों ने भी ऐसा ही अनुमान लगाया था। चुनाव आयोग की ओर से जो ताजा आंकड़ों साझा किए गए है, उनसे पता चलता है कि 1.59 प्रतिशत, यानी 12.5 लाख मतदाता मर चुके हैं, लेकिन उनके नाम सूची में बने हुए हैं। 2.2 प्रतिशत, यानी 17.5 लाख मतदाता स्थायी रूप से बिहार से बाहर चले गए हैं और अब राज्य में मतदान के पात्र नहीं हैं। 0.73 प्रतिशत, यानी लगभग 5.5 लाख वोटर दाे राज्यों में पंजीकृत पाए गए हैं। इनके वोट बिहार में भी हैं और दूसरे प्रदेशों में भी।
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को कहा कि बिहार के कुल 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 6.60 करोड़ से अधिक के नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। आयोग ने बताया कि एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र (ईएफ) भरकर उन्हें जमा करने की अंतिम तिथि में 11 दिन शेष हैं और बीएलओ द्वारा दो दौर के घर-घर दौरे के बाद बिहार के 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 मतदाताओं में से 6 करोड़ 60 लाख 67 हजार 208 या 83.66 प्रतिशत के ईएफ एकत्र किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग ने यह भी खुलासा किया कि क्षेत्रीय दौरों के दौरान, नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों के कुछ विदेशी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकृत पाए गए। आयोग ने कहा कि आगे की जांच के बाद इन नामों को भी हटा दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि जो मतदाता अस्थायी रूप से बिहार से बाहर गए हैं, उनके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर तथा उन व्यक्तियों से सीधे संपर्क करके प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे समय पर अपना ईएफ भर सकें तथा उनका नाम एक अगस्त को प्रकाशित होने वाली मसौदा सूची में भी शामिल हो। ऐसे मतदाता अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके ईसीआईनेट एप या ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन ईएफ भर सकते हैं। वे अपने प्रपत्र अपने परिवार के सदस्यों या व्हाट्सऐप या इसी तरह के किसी भी ऑनलाइन माध्यम से संबंधित बीएलओ को भी भेज सकते हैं।
30 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम वोटर लिस्ट
बिहार में एसआईआर के चौथे चरण में मसौदा मतदाता सूची एक अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। जिन लोगों ने 25 जुलाई से पहले कोई गणना प्रपत्र जमा नहीं किया होगा, उनके नाम मसौदा सूची में नहीं दिखाई देंगे। बीएलए मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद भी प्रतिदिन 10 प्रपत्र तक जमा कर सकते हैं। कोई भी नागरिक एक अगस्त से एक सितंबर तक पांचवें चरण में दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।