दो साल में 3.5 करोड़ रोजगार सजृित करने का लक्ष्य
नयी दिल्ली (एजेंसी) : सरकार ने 1.07 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (ईएलआई) को मंगलवार को मंजूरी दे दी। इसका मकसद सेवानिवृत्ति निधि निकाय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से अगले दो वर्ष में 3.5 करोड़ नौकरियों का सृजन करना है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसका मकसद सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना का उद्देश्य दो साल में देश में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहन देना है। इसके अलावा, यह योजना पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देगी। इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (15,000 रुपये तक) मिलेगा। वहीं, नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए दो साल की अवधि के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
‘खेलो भारत’ नीति मंजूर
विश्व खेलों में भारत को शीर्ष पांच में लाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘खेलो भारत’ नीति को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य देश को 2036 ओलंपिक के लिए मजबूत दावेदार बनाने के लिए एक मजबूत प्रशासनिक ढांचे के साथ-साथ कोचिंग और खिलाड़ियों के समर्थन के मामले में ‘विश्व स्तरीय प्रणाली’ तैयार करना है। पहले इसे राष्ट्रीय खेल नीति कहा जाता था और 1984 में पहली बार पेश किया गया था। खेलो भारत नीति 2025 अब 2001 की नीति का स्थान लेगी। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में शामिल
करना है।’