टांगरी नदी में उफान पर, मंत्री अनिल विज मौके पर पहुंचे, NDRF और कश्तियां बुलाईं
Haryana Flood Control: बरसाती दिनों में अक्सर परेशानी खड़ी करने वाली टांगरी नदी बृहस्पतिवार सुबह अचानक उफान पर आ गई। सुबह करीब 30 हजार क्यूसिक से अधिक पानी नदी में पहुंचा, जो सामान्य से कई गुना ज्यादा था। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला जाने पर आसपास की कॉलोनियों में चिंता फैल गई। हालात का जायजा लेने ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज खुद मौके पर पहुंचे और प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
मंत्री ने किया मुआयना, दिए सख्त निर्देश
मंत्री अनिल विज ने सुबह सबसे पहले टांगरी नदी पुल पर खड़े होकर बहाव की स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने टांगरी बांध रोड, मतिदास नगर, गोल्डन पार्क, बब्याल, रामपुर, सरसेहड़ी, प्रभु प्रेम पुरम, करधान और नग्गल तक का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बार-बार अनाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
मौके पर भाजपा नेता कपिल विज, संजीव वालिया, अजय बवेजा और विशाल टांगरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। विज ने कहा कि बरसात से पहले टांगरी नदी की खुदाई कर इसे गहरा किया गया था, जिससे पानी का बहाव सुरक्षित निकल सके। हालांकि अवरोधों के कारण केवल 25 फीसदी काम ही हो पाया है। “इसके बावजूद हमें उम्मीद है कि पानी सुरक्षित निकल जाएगा, लेकिन खतरे को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है।”
एनडीआरएफ तैनात, कश्तियां भी मंगवाई गईं
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंबाला छावनी में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कश्तियां भी मंगवाई हैं। मंत्री विज ने कहा कि जिनके घर टांगरी नदी के किनारे या कैचमेंट एरिया में हैं, उन्हें अपना जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
विभागों को तालमेल से काम करने के आदेश
मंत्री ने मौके पर सिंचाई विभाग, पुलिस, नगर परिषद और अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक भी की और सभी को मिलकर काम करने के आदेश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग से जानकारी ली कि दोपहर तक नदी में और कितना पानी आ सकता है।
पूर्व में भी टांगरी बनी है चुनौती
गौरतलब है कि टांगरी नदी हर बरसाती सीजन में स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है। पिछले साल भी यहां पानी आया था, लेकिन बिना किसी बड़े नुकसान के सुरक्षित निकल गया। इस बार 30 हजार क्यूसिक से ज्यादा पानी पहुंचने से खतरा बढ़ गया, लेकिन मंत्री विज और प्रशासन की तैयारी से हालात काबू में बताए जा रहे हैं।