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अमेरिका से व्यापार समझौते पर वार्ता जल्द बहाल होने की उम्मीद

िस्थति से निपटने की भी तैयारी : निर्यात प्रमोशन मिशन के जल्द क्रियान्वयन के प्रयास जारी
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भारत को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत का सिलसिला जल्द बहाल होगा, लेकिन भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगाए गए उच्च शुल्क का मसला हल करना इस दिशा में प्रगति के लिए जरूरी होगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फिलहाल अगले दौर की व्यापार वार्ता की तारीखें तय नहीं हुई हैं, लेकिन बातचीत बहाल होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि हम जल्द ही फिर से बातचीत की मेज पर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं... जब भी समझौता होगा, उस समय दोनों पक्षों को शुल्क के मुद्दों का समाधान करना होगा। इसके अलावा, उच्च शुल्क से निपटने के लिए सरकार निर्यातकों की मदद के लिए निर्यात संवर्धन मिशन के क्रियान्वयन में तेजी लाने का प्रयास कर रही है। एक अधिकारी ने कहा कि निर्यातकों ने नकदी के मोर्चे पर सरकार से मदद मांगी है और इन सभी मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। उधर सरकार ने कपास के शुल्क मुक्त आयात की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है।

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ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में होगा बदलाव : अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड ल्यूटनिक ने कहा कि ट्रंप प्रशासन एच1बी कार्यक्रम और ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में बदलाव लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि हम ग्रीन कार्ड देते हैं। औसत अमेरिकी सालाना 75 हजार अमेरिकी डॉलर कमाता है और औसत ग्रीन कार्ड प्राप्तकर्ता 66 हजार अमेरिकी डॉलर कमाता है। हम यह सब देख रहे हैं और पता लगा रहे हैं कि ऐसा क्यों होता है?

ट्रंप के व्यापार सलाहकार नवारो बोले- यूक्रेन संघर्ष मोदी का युद्ध

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन (एजेंसी) : अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन संघर्ष मोदी का युद्ध है और शांति का मार्ग आंशिक रूप से नयी दिल्ली से होकर गुजरता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में दावा किया कि भारत, रूसी युद्ध मशीन को मदद पहुंचा रहा है। भारत जो कर रहा है, उसका खमियाजा अमेरिका में हर कोई उठा रहा है। भारत के ऊंचे शुल्क की वजह से हमारी नौकरियां, कारखाने, आय और ऊंचे वेतन वाली मजदूरी छिन रही है और फिर करदाताओं का भी नुकसान हो रहा है, क्योंकि हमें मोदी के युद्ध का वित्तपोषण करना है।'

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