Punjab News: गैंगवार का खूनी खेल, पंजाब टॉस्क फोर्स के हत्थे चढ़ा कुख्यात शूटर
Punjab News: पंजाब में फैले गैंगस्टरों के नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने होशियारपुर जिले से एक कुख्यात शूटर को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान विपन कुमार निवासी बसी मुड़ा, बाघपुर मंदिर, होशियारपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से देसी पिस्तौल (.32 बोर) और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि विपन कुमार वही शूटर है जिसने हाल ही में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गांव ख्वाजा बसाल में हुए सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया था। इस वारदात में राकेश कुमार उर्फ गग्गी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई की दोपहर को राकेश कुमार उर्फ गग्गी अपने गांव ख्वाजा बसाल में मौजूद था।
उसी दौरान बाइक और कार में सवार होकर आए हथियारबंद बदमाशों ने अचानक उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गांव की गलियों में गोलियों की आवाज गूंज उठी और लोग सहम गए। कुछ ही मिनटों में गग्गी लहूलुहान होकर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद शूटर वहां से फरार हो गए। इस हत्याकांड ने हिमाचल और पंजाब दोनों राज्यों में सनसनी फैला दी थी।
गैंगवार का लंबा सिलसिला
दरअसल, यह हत्या कोई सामान्य झगड़ा नहीं थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि गग्गी की हत्या विदेशी गैंगस्टरों लड्डी भज्जल उर्फ कूनेर और मोनू गुज्जर (रवि बलाचौरिया गैंग) तथा बब्बी राणा (सोनू खत्री गैंग) के बीच चली आ रही पुरानी दुश्मनी का नतीजा थी। गग्गी, विदेशी गैंगस्टर बब्बी राणा का करीबी था, जबकि बब्बी राणा पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर सोनू खत्री का खास सहयोगी माना जाता है। यानी इस हत्या के पीछे विदेशी गैंगस्टरों के बीच खींचतान और पंजाब-हिमाचल तक फैले अपराधियों की आपसी रंजिश साफ झलकती है।
कानून के शिकंजे में आएंगे सभी बदमाश
पंजाब पुलिस ने दो-टूक संदेश दिया है कि चाहे अपराधी कहीं भी छिपे हों, उन्हें कानून के शिकंजे में लाकर ही दम लिया जाएगा। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार शूटर से पूछताछ जारी है और इससे जुड़े अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क को भी जल्द ही उजागर किया जाएगा।