रूस के लिए तेल धन शोधन केंद्र में बदल गया भारत : नवारो
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर रूस के लिए तेल धन शोधन केंद्र होने का आरोप लगाया है। नवारो ने एक्स पर दावा किया, ‘भारत की बड़ी तेल लॉबी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को क्रेमलिन के लिए एक विशाल रिफाइनिंग केंद्र और तेल धन शोधन केंद्र में बदल दिया है।’
उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरियां किफायती दरों पर रूसी तेल खरीदती हैं, उसका प्रसंस्करण करती हैं और यूरोप, अफ्रीका तथा एशिया को निर्यात करती हैं। उन्होंने दावा किया, ‘भारत अब प्रतिदिन 10 लाख बैरल से ज्यादा परिष्कृत पेट्रोलियम निर्यात करता है, जो उसके द्वारा आयातित रूसी कच्चे तेल की मात्रा के आधे से भी ज्यादा है। इससे होने वाली आय भारत के राजनीतिक रूप से जुड़े ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गजों को मिलती है और सीधे पुतिन के सैन्य कोष में जाती है।’ नवारो ने कहा कि अगर विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत चाहता है कि उसके साथ अमेरिका के रणनीतिक साझेदार जैसा व्यवहार किया जाए, तो उसे वैसा ही व्यवहार करना होगा। नवारो ने कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं, जिनके शीर्षक हैं, ‘भारत-रूस रक्त तेल व्यापार’। साथ ही पैसों से भरी एक तिजोरी की तस्वीर है जिस पर ‘पुतिन का युद्ध खजाना लिखा है और पुतिन के साथ पीएम मोदी की तस्वीर है।