Haryana Rao Family: कैबिनेट मंत्री आरती राव ने गोद लिया बेटा, नाम रखा राव जयवीर सिंह
Haryana Rao Family: हरियाणा की सियासत में राव परिवार का वंश वृक्ष नई कली के साथ और मजबूत हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह से शुरू हुई यह राजनीतिक धारा उनके बेटे राव इंद्रजीत सिंह तक आई, जिन्होंने न सिर्फ लोकसभा में अहीरवाल की आवाज बुलंद की बल्कि हरियाणा विधानसभा में सदस्य और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए भी प्रदेश की राजनीति में छाप छोड़ी।
अब तीसरी पीढ़ी के रूप में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बेटा गोद लिया है। नाम रखा है राव जयवीर सिंह। बेटे के आगमन ने इस विरासत को भविष्य तक सुरक्षित कर दिया है। राव इंद्रजीत सिंह का कोई बेटा नहीं है। उनकी दो बेटियां हैं - आरती सिंह राव और भारती सिंह राव। बड़ी बेटी आरती राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। छोटी बेटी भारती राजनीति से पूरी तरह दूर हैं और बिजनेस से जुड़ी हैं।
आरती सिंह राव के पति से उनका तलाक हो चुका है। ऐसे में, राव इंद्रजीत ने पहले ही साफ कर दिया था कि उनकी राजनीतिक विरासत बड़ी बेटी आरती संभालेंगी। 2022 में इसके लिए उन्होंने विधिवत रूप से आरती सिंह राव को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। अब आरती सिंह राव के बेटे राव जयवीर सिंह के परिवार में आने से यह संशय भी खत्म हो गया है कि राव परिवार की तीसरी पीढ़ी का चेहरा कौन होगा।
अहीरवाल का समीकरण
अहीरवाल की बेल्ट हरियाणा की सत्ता की राजनीति में हमेशा निर्णायक रही है। बेशक, अहीरवाल में मुख्य रूप से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व नारनौल बेल्ट आती है, लेकिन असर गुरुग्राम, भिवानी, चरखी दादरी और झज्जर तक जाता है। एक दर्जन से अधिक विधानसभा सीटों पर अहीरवाल का प्रभाव कभी से रहा है। राव बीरेंद्र सिंह और राव इंद्रजीत सिंह की लोकप्रियता ने इस क्षेत्र को लगातार सियासी केंद्र बनाए रखा। आज जब राव इंद्रजीत उम्र और अनुभव के शिखर पर हैं, तो आरती सिंह राव सक्रिय राजनीति में परिवार का चेहरा हैं और राव जयवीर सिंह तीसरी पीढ़ी का प्रतीक बन चुके हैं।
इसलिए अहम है तीसरी पीढ़ी का आना
- अहीरवाल की सियासत पर पकड़ – यह क्षेत्र हरियाणा की सत्ता का सेमीफाइनल माना जाता है। राव परिवार की पकड़ यहां हमेशा मजबूत रही है।
- विरासत की निरंतरता – राव बीरेंद्र सिंह से लेकर राव इंद्रजीत और अब आरती सिंह राव तक राजनीतिक कड़ी मजबूत रही। अब तीसरी पीढ़ी का नाम सामने आया है।
- सियासी अनिश्चितता खत्म – अब यह साफ है कि परिवार की अगली पीढ़ी का चेहरा राव जयवीर सिंह ही होंगे।
- भविष्य की तैयारी – हरियाणा की राजनीति में वंश परंपरा का बड़ा असर है। ऐसे में राव परिवार की तीसरी पीढ़ी का आना दूरगामी संकेत है।
राव परिवार की राजनीति : एक टाइमलाइन
1967 : राव बीरेंद्र सिंह हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री बने
1970-80 : कांग्रेस में सक्रिय, प्रदेश की राजनीति के बड़े नेता
1991-96 : राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा विधानसभा के सदस्य और कैबिनेट मंत्री रहे
1998 : राव इंद्रजीत सिंह पहली बार महेंद्रगढ़ से सांसद बने
2004-2014 : लगातार सांसद और मनमोहन सरकार में मंत्री रहे
2014 : भाजपा में शामिल होकर गुड़गांव से सांसद, मोदी सरकार में मंत्री
2019 : लगातार पांचवीं बार सांसद
2022 : आरती सिंह राव को राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया
2024 : आरती सिंह राव हरियाणा की कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री बनीं
2025 : बेटे राव जयवीर सिंह के आगमन से तीसरी पीढ़ी का चेहरा सामने आया
(नोट : इसी अवधि के दौरान राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा विधानसभा सदस्य भी बनते रहे और कैबिनेट मंत्री भी रहे)