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गुरु पूर्णिमा सनातन धर्म को युग धर्म में स्थापित करने का पर्व : बाबा रामदेव

पतंजलि योगपीठ में महोत्सव संपन्न
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हरिद्वार, 10 जुलाई (ट्रिन्यू)

गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक ‘गुरु पूर्णिमा’ पर्व पतंजलि योगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव महाराज व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के सान्निध्य में पतंजलि वैलनेस, योगपीठ-2 स्थित योगभवन ऑडिटोरियम में आस्था व समर्पण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा सनातन धर्म को युग धर्म के रूप में स्थापित करने का पर्व है। यह भारत की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा, ऋषि परंपरा, वेद परंपरा व सनातन परंपरा का परिचायक तथा इनकाे पूर्णता प्रदान करने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि वेद, ऋषि और गुरु धर्म में राष्ट्र धर्म भी समाहित हैं। उन्होंने पतंजलि विवि के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको ऋषित्व और देवत्व में जीना हैं, इसी से जगत में नयी क्रांति का संचार होगा।

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उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। वर्चस्व सत्य, योग, अध्यात्म व न्याय का होना चाहिए। अलग-अलग कारणों से पूरी दुनिया में अलग-अलग प्रकार के वैचारिक उन्माद, मजहबी उन्माद, भौतिकवाद, इंटेलेक्चुअल टैररिज्म, रिलीजियस टैररिज्म, पॉलिटिकल, इकॉनोमिकल टैररिज्म, मेडिकल टैररिज्म, एजुकेशनल टैररिज्म चल रहे हैं। ऐसे में पूरे विश्व को भारत से शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक दिशा मिलेगी और भारत की प्रतिष्ठा विश्वगुरु के रूप में होगी।

इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर्व की सार्थकता तभी है जब हम अपने गुरु पर पूर्ण आस्था रखते हुए उनके बताए मार्ग का अनुसरण करें। इस अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एनपी सिंह ने भी संबोधित किया।

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