सिरसा में उफान पर घग्गर, ग्रामीणों को सताने लगी चिंता
क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान कही जाने वाली घग्गर नदी अभी उफान पर है। मंगलवार देर रात घग्घर का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया और तटबंध के साथ लगते गांवों में खेतों में पानी घुसने लगा। हालांकि प्रशासन घग्गर की स्थिति पर निगाह रखे हुए है। उसका कहना है कि बेशक पानी बढ़ रहा है, परंतु अभी खतरे की कोई बात नहीं है। वहीं पुराने नेजाडेला खुर्द के पास घग्गर नदी के तटबंध मजबूत न होने पर आस-पास के खेतों में जलभराव हो गया।
गांव नेजाडेला खुर्द के करीब 250 एकड़, मल्लेवाला 200 एकड़ , सहारणी 50 एकड़ में खड़ी फसल में जलभराव हो गया। इससे पहले घग्गर के किनारे ओवरफ्लो पानी के रिसाव को रोकने के लिए लोगों ने अपने स्तर पर मिट्टी डालकर बांध बनाकर पानी रोकने का प्रयास भी किया था, लेकिन रात्रि करीब 2 बजे के बाद जलस्तर बढ़ने से छोटा बांध टूट गया जिससे सरकारी बांध के अंदर किसानों की करीब 500 एकड़ में खड़ी धान की फसलों में जलभराव हो गया। जिसके बाद ये पानी पश्चिम से पूर्व की और सरकारी बांध के अंदर आगे मल्लेवाला पुल की तरफ चला गया। इससे खेतों में खड़ी फसलों का भारी नुकसान हो गया है। वही खेतों में ट्यूबवेल की मोटरें व कमरें भी डूब गये। किसानों ने बताया कि अचानक दो दिन में ही घग्गर नदी उफान पर है। प्रशासन के अनुसार अभी सिरसा में स्थिति नियंत्रण में हैं, खतरे की कोई बात नहीं है। कमजोर तटबंधों को मजबूत करवाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा कंट्रोल रूम बनाया गया है। साथ ही संबंधित पटवारी, ग्राम सचिव, सिंचाई विभाग इत्यादि के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।