Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

चक्कू लदाना काॅलेज का नाम गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखने की मांग

निर्माण कार्य में तेजी को लेकर पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
गुहला चीका में शनिवार को पूर्व विधायक ईश्वर सिंह से मुलाकात करते कंबोज सभा के सदस्य।  -निस
Advertisement

पूर्व विधायक ईश्वर सिंह के प्रयासों से गांव चक्कू लदाना में राजकीय काॅलेज मंजूर किया गया था। 32 करोड़ 35 लाख रुपये से बनने वाले इस काॅलेज के लिए ग्राम पंचायत ने लगभग 9 एकड़ भूमि निशुल्क दी थी। जून 2023 में इस काॅलेज के निर्माण के लिए सरकार से मंजूरी मिल गई थी, लेकिन ढाई साल बीतने के बावजूद अभी तक काॅलेज की मात्र चारदिवारी बन पाई है। भवन के प्रथम तल की दीवारें तो खड़ी दी गईं, लेकिन उनके ऊपर अभी तक लेंटर नहीं डाला गया। काॅलेज भवन के निर्माण में हो रही देरी से चक्कू लदाना व आसपास के एक दर्जन गांवों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 25 किलोमीटर दूर तय कैथल या चीका जाना पड़ता है। काॅलेज के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। ईश्वर सिंह ने कहा कि चक्कू लदाना में सरकारी काॅलेज मंजूर होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को उम्मीद बंधी थी कि बेटियां अब घर के आसपास ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी, लेकिन निर्माण कार्य में देरी होने से बेटियों का सपना टूट रहा है।

शनिवार को कंबोज सभा के सदस्य स्टेट प्रधान सज्जन सिंह की अगुवाई में पूर्व विधायक ईश्वर सिंह से उनके निवास पर मिले और चक्कू लदाना काॅलेज का नाम गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखने की मांग की। सज्जन सिंह ने कहा कि काॅलेज का नाम गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखे जाने से आने वाली पीढ़ियों को गुरुओं के बलिदान व संघर्ष की जानकारी मिलेगी। वहीं गुरु तेग बहादुर का 350 सालां शहीदी वर्ष हमेशा के लिये यादगार बन जाएगा। पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने सभा के सदस्यों की मांग का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री से मांग करेंगे। इस मौके पर कंबोज सभा के सदस्य गज्जन सिंह, बलदेव बल्ली, सुरेंद्र सिंह थिंद, बलदेव सिंह, गज्जन सिंह, होशियार सिंह, बरजिंद्र सिंह सौथा, प्रीतम सिंह, चरणजीत सिंह, हरजिंद्र सिंह व गुरचरण सिंह मौजूद रहे।

Advertisement

Advertisement

Advertisement
×