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भाकियू किसान हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी : चढ़ूनी

भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीयाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आज किसानों से पारस्परिक एकता व एकजुटता बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया और भरोसा दिया कि भाकियू चढ़ूनी किसान हितों की रक्षा करेगी और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से...
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भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीयाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आज किसानों से पारस्परिक एकता व एकजुटता बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया और भरोसा दिया कि भाकियू चढ़ूनी किसान हितों की रक्षा करेगी और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करेगी। चढ़ूनी ने कहा कि उनके किसान संगठन ने कोई नया बड़ा आंदोलन शुरू करने से पूर्व अगले 10 दिनों के भीतर प्रथम चरण में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया है।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सरकार का डीएपी व यूरिया खाद पोर्टल पर करने के निर्णय का विरोध किया है, पंचकूला से ऐसा शुरू भी हो

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चुका है। किसानों को अब भी लाइनों में लगकर खाद खरीदनी पड़ रही है। सरकार मामूली बातों पर किसानों को परेशान कर किसानों से खेती छुड़वाना चाहती है ताकि खेती को बड़ी कंपनियों के हवाले किया जा सके। खाद खुली मार्केट में बिना किसी बाधा के मिले।

उन्होंने कहा कि जहां जलभराव से नुकसान हुआ है, वहां जल्द से जल्द सर्वे करवाकर पीड़ित किसानों को सरकार उचित मुआवजा दे।

उन्होंने कहा कि कपास पर आयात शुल्क हटाने का निर्णय कपास उत्पादकों के लिए डेथ वारंट है, जिससे 60 लाख कपास उत्पादक प्रभावित होंगे। भारत में किसान की कपास एमएसपी से कम मूल्य पर नहीं बिकनी चाहिए, चाहे केंद्र खरीदे या राज्य।

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