ऐलनाबाद, 6 दिसंबर (निस)
नाथुसरी चौपटा क्षेत्र में बरुवाली नहर अचानक टूट गई, जिससे उसमें 50 फीट चौड़ी दरार आ गई। जिससे जिससे करीब 60 एकड़ फसल डूब गई। कई गांवों के किसान सिंचाई के पानी से वंचित रह गए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सेह नाम के जंगली जानवर की खुदाई के कारण नहर टूटती है। जानकारी के अनुसार, नाथुसरी चौपटा से गुजरने वाली बरुवाली नहर सिरसा भादरा रोड पर बने पुल के पास अचानक टूट गई। जिससे गेहूं व सरसों की फसलें पूरी तरह पानी से डूब गई। सौर ऊर्जा आधारित नलकूपों में भी पानी भर गया। किसान हनुमान सिंह, महेंद्र सिंह रोहतास का कहना है कि जब तक पानी नहीं सूखेगा तब तक न तो वे बिजाई कर सकते हैं और यह फसल भी बर्बाद हो गई। पिछले दिनों भी यहां से नहर टूट गई थी। बताया गया है कि बरवाली नहर से माखोसरानी, दड़बाकलां, रुपाणा खुर्द, लुदेसर, रूपावास, ढुकड़ा, गुड़िया खेड़ा, जमाल सहित कई गांवों के खेतों में नहरी पानी से सिंचाई की जाती है। नहर टूटने से इन गांवों के पानी की बारी वाले किसानों की फसलें बिना सिंचाई के ही रह जाएंगे। सिंचाई विभाग के जेई विकास हंस ने कहा कि रात को बरुवाली नहर टूटने की सूचना मिली। इसकी सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। नहर को नेहराणा हैड से बंद करवाया दिया गया है। दरार को पाटने का काम शुरू कर दिया है। जल्दी ही नहर की पटरी को बांधकर पानी छोड़ दिया जाएगा। नहर के टूटने का सबसे बड़ा कारण यहां सेह नामक जंगली जानवर है। वह नहर के नीचे से मिट्टी निकाल देता है। जिसके कारण पानी का दबाव होते ही नहर टूट जाती है।