Tribune
PT
About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

सत्र स्थगित करने की मांग को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में तकरार

विधानसभा में आपदा पर हंगामा, स्थगित की कार्यवाही
  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

हिमाचल विधानसभा में बृहस्पतिवार को प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए मॉनसून सत्र को स्थगित करने और सरकार से सभी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य के लिए भेजने की मांग पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार तकरार हुई। तकरार इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी होने लगी, जिससे सदन में भारी शोरगुल हो गया और इसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। बाद में सदन की कार्यवाही पुनः आरंभ होने पर प्रश्नकाल शुरू हुआ और अन्य कामकाज सुचारू रूप से चला।

आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक डॉ. हंसराज, डॉ. जनकराज और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक आई प्राकृतिक आपदा का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार इस आपदा के बावजूद राहत व बचाव कार्य के लिए संवेदनशील नहीं है। उनका कहना था कि इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश को आपदा में छोड़कर एक राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बिहार चले गए हैं। इस पर सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष पर आपदा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया, जिस पर सदन में दोनों पक्षों के बीच जोरदार हंगामा हुआ।

Advertisement

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जब राज्य में स्थितियां इतनी नाजुक हैं तो मुख्यमंत्री को एक राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बिहार नहीं जाना चाहिए था, बल्कि प्रदेश में रहकर राहत व बचाव कार्यों का संचालन करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मॉनसून की शुरूआत में मंडी जिला आपदा से सबसे अधिक प्रभावित था, लेकिन मॉनसून जैसे-जैसे आगे बढ़ा तो नुकसान पूरे प्रदेश में हो रहा है। विधायक डॉ. हंस राज ने कहा कि आपदा से चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में स्थिति अत्यधिक गंभीर है। भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि भरमौर क्षेत्र का बीते 72 घंटे से संपर्क टूटा हुआ है। उन्होंने कहा कि खड़ामुख से चंबा मार्ग की स्थिति अत्यधिक खराब है और इसमें हजारों वाहन फंसे हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उम्मीद जताई कि सरकार सदस्यों द्वारा जताई गई चिंता का समाधान करेगी।

उधर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष के आरोपों को गलत बताया और कहा कि ऐसी धारणा बनाई जा रही है कि सरकार कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने साफ किया कि सरकार भी उतनी ही चिंतित है, जितना विपक्ष, लेकिन इस मामले के जबरन राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरी सरकार राहत व पुनर्वास कार्यों में दिनरात जुटी हुई है।

प्रस्ताव पारित, प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केंद्र

विधानसभा ने राज्य में मौजूदा मॉनसून के दौरान आई प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान विपक्षी दल भाजपा ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि भाजपा ने प्रस्ताव पर हुई चर्चा के जवाब के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का विरोध भी किया और पूरे जवाब के दौरान विपक्ष सदन के बीचों बीच पहुंचकर नारेबाजी तथा हंगामा करता रहा।

Advertisement
×