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सराज में आपदा से 500 करोड़ का ढांचागत नुकसान

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जरोल में प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री, कहा
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मंडी, 10 जुलाई (निस)

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज में हुई प्राकृतिक आपदा से अभी तक करीब 500 करोड़ से अधिक का ढांचागत नुकसान हुआ है। लोगों के घरों और दुकानों को छोड़कर सेब बागीचे और सैकड़ों बीघा कृषि योग्य जमीनें बह गईं जिससे सेब आर्थिकी और खेती किसानी को बहुत बड़ा झटका लगा है। आज से पूर्व इस कद्र नुकसान कभी नहीं हुआ। लोग बेघर तो हुए ही बल्कि आजीविका कमाने के सारे साधन भी उनसे छिन गए हैं। इस तरह ढांचागत नुकसान के अलावा कृषि और बागबानी को भी सराज में हजारों करोड़ की क्षति हुई है। 500 से अधिक तो घर ढह गए हैं जबकि इतनी ही गौशालाएं और आंशिक रूप से घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिसका प्रशासन आकलन कर रहा है। मुझे लगता है ये कुल नुकसान 1000 करोड़ पार कर जाएगा। अब हमें नये सिरे से शुरुआत करनी होगी जिसके लिए हमें जहां राज्य सरकार का सहयोग चाहिये वहीं केंद्र से भी मदद मांगने मैं खुद जाऊंगा।

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उन्होंने कहा कि दो दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ मिलकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया है। बिना सड़कें सही किए न बिजली के काम हो सकेंगे और न ही पेयजल की योजनाएं बहाल होंगी। लिहाज़ा मशीनों की संख्या गिनने से अच्छा है कि वास्तव में राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने मांग उठाई कि सर्दियों से पहले ही बेघर लोगों के लिए प्री फेब्रिकेटेड अस्थाई घरों का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि बेशक त्रासदी ने हमें बहुत जख्म दिए हैं लेकिन उससे ज्यादा हाथ हमें थामने और संभालने के लिए उठे हैं। जिसके लिए आप सभी का साथ हमारा हौसला है, हमारी ताकत है, जिससे हम इस मुश्किल दौर से लड़ेंगे और त्रासदी के दंश से उबरेंगे। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के बाद से अनगिनत संख्या में लोग, समाजसेवी संस्थाएं हमारे साथ तन–मन–धन से जुड़ी हैं। उन्होंने थुनाग,धार जरोल और जंजैहली पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अपने पुश्तैनी घर का भी दस दिन बाद आज मुआयना किया जहां उनके घर के आगे से सेब बागीचा और किचन और गऊशाला को नुकसान पहुंचा है। जबकि मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया है जिसके आगे दरारें आ गई हैं।

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