सीमेंट कारखानों और औद्योगिक इकाइयों पर कसेगा शिकंजा
सुक्खू सरकार राज्य में सीमेंट संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी और यह भी सुनिश्चित करेगी कि वे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी, सीएसआर के अंतर्गत आने वाली राशि परियोजना क्षेत्र में ही खर्च करें, न कि हिमाचल प्रदेश के बाहर। शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अर्की के विधायक संजय अवस्थी के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने स्वीकार किया कि अर्की में अंबुजा और अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनियों द्वारा संचालित सीमेंट संयंत्र खनन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और कई उल्लंघन कर रहे हैं। हर्षवर्धन चौहान ने सदन को आश्वस्त किया कि जहाँ भी खनन और पर्यावरण संबंधी उल्लंघन हो रहे हैं, विभाग उन कंपनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इन इकाइयों के प्रबंधन के साथ एक बैठक बुलाएंगे ताकि उन्हें संबंधित विधायक और पंचायत प्रतिनिधियों के परामर्श से सीएसआर के अंतर्गत अपने लाभ का दो प्रतिशत परियोजना क्षेत्र में खर्च करने के लिए राजी किया जा सके। उद्योग मंत्री ने स्वीकार किया कि अर्की और बागा स्थित इन सीमेंट संयंत्रों द्वारा, जिनका अधिग्रहण अडानी समूह ने कर लिया है, में रात के समय सबसे अधिक पर्यावरणीय उल्लंघन किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार खनन पट्टे और उन क्षेत्रों को मालिकों को वापस करने के मुद्दे पर विचार करेगी जहाँ चूना पत्थर के भंडार समाप्त हो गए हैं।
बंद नहीं होगी मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना बंद नहीं होगी। सरकार पहले इस योजना के तहत पुराने मामलों का निपटारा करेगी, उसके बाद नए आवेदनों में अनुदान देने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। वे शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक विनोद कुमार, दीप राज, विवेक कुमार के संयुक्त सवाल का जवाब दे रहे थे।