युवा स्किल पर जोर दें, बन सकते हैं रोजगार देने वाले उद्यमी : मनोहर
केंद्रीय आवासन, ऊर्जा एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि युवा स्किल सीखने पर जोर दें। स्किलिंग के माध्यम से आज न केवल रोजगार प्राप्त कर सकते हैं बल्कि स्वयं भी रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया है कि अपनी प्रतिभा को सही दिशा में लगाएं। जिसे उद्यम करने की आदत पड़ गई वह जीवन में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल शनिवार को डॉ. मंगलसेन सभागार में 75 वें राज्य स्तरीय रोजगार मेले में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। मेले का आयोजन हरियाणा सरकार और देश भगत यूनिवर्सिटी (पंजाब) के सहयोग से किया गया। उन्होंने आठ युवाओं को सांकेतिक तौर पर नौकरी के ऑफर लेटर भी वितरित किए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि आम आदमी खुशहाल बने और युवाओं को रोजगार मिले। इस दिशा में रोजगार मेलों की अहम भूमिका है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि भविष्य में भी ऐसे मेले आयोजित किए जाएं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दोपहर तक चार हजार युवाओं ने रोजगार मेले में रजिस्ट्रेशन करा लिया था।
आज विभिन्न कंपनियों द्वारा 2 हजार युवाओं को जॉब लेटर दिए जाने का लक्ष्य है। मेले में करीब 50 कंपनियां पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को उद्यम करने की आदत डालनी होगी। आज मिले ऑफर लेटर को वे फाइनल न समझें, यह आगे बढ़ने का एक अवसर मिला है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवा डंकी के रास्ते से विदेश जा रहे थे, जो गलत है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस मौके पर सांकेतिक तौर पर अक्षत, सचिन, अंकित, रोहित, शिवानी, रमनदीप, विशु और अधिकांश को नौकरी के ऑफर लेटर वितरित किए।
ये रहे मौजूद : मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में भले ही शुरुआती दौर में वेतन कम हो, लेकिन थोड़ी से मेहनत और पूर्ण निष्ठा से कार्य करने पर कुछ समय बाद ही वेतन बेहतर हो जाता है। मौके पर इंद्री के विधायक एवं मुख्य सचेतक रामकुमार कश्यप, करनाल के जगमोहन आनंद, असंध के योगेंद्र राणा, करनाल के पूर्व सांसद संजय भाटिया, मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधि कविंद्र राणा, एसपी गंगा राम पूनिया, देश भगत यूनिवर्सिटी से डॉ. संदीप, निदेशक अरुण मलिक व अन्य उपस्थित रहे।
अब तक देशभर में 74 मेले आयोजित
देश भगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. जोरा सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से हरियाणा में यह पहला मेला आयोजित किया गया है। इससे पहले पंजाब, जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश में 74 मेले आयोजित किए जा चुके हैं। यूनिवर्सिटी की कोशिश है कि युवा जॉब सीकर की बजाय जॉब क्रिएटर बनें। समाजसेवी राजविंद्र बोपाराय ने भी प्रेरणादायी अनुभव रखे। उन्होंने इस मौके पर बाबा बंदा बहादुर लौहगढ़ (यमुनानगर) ट्रस्ट के लिए 5 लाख रुपये का चैक भी सौंपा।
बगैर पर्ची-खर्ची मिल रही नौकरी : आनंद
करनाल के विधायक जगमोहन आनंद ने इस अवसर पर युवाओं से कहा कि वे अपनी शिक्षा व कौशल के बल पर नौकरी की मांग करने की बजाय देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना से बिना पर्ची-बिना खर्ची नौकरी देने की व्यवस्था से युवाओं का पढ़ाई के प्रति रूझान बढ़ा है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का एक कारण यह भी था।