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शामलात भूमि पर बसे ग्रामीणों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

अधिकतम 500 वर्गगज तक के निर्माण के लिए अधिकार देगी सरकार
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ट्रिब्यून न्यूज सर्विस

चंडीगढ़, 18 नवंबर

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हरियाणा के उन ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है, जिन्होंने शामलात जमीन पर अपने घर बनाए हुए हैं। दरअसल, सरकार ने पट्टे पर किसानों को खेती के लिए जमीन दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला आया। इसमें सरकार को जमीन को अधिग्रहण करने के अधिकार दिए गए। नायब सरकार ने बरसों से जमीन के कब्जाधारियों के हितों को देखते हुए उन्हें मालिकाना हक देने का निर्णय लिया है।

सोमवार को विधानसभा में हरियाणा ग्राम शामलात भूमि विनियमन संशोधन विधेयक-2024 को पास किया गया। इसके तहत गांवों में शामलात जमीन पर 20 साल से मकान बनाकर रह रहे ग्रामीणों को अब मालिकाना हक मिलेगा। इसमें शर्त यह लगाई है कि अधिकतम 500 वर्ग गज तक के मकानों को ही वैध माना जाएगा। इसी तरह 20 साल से शामलात देह जमीन को पट्टे पर लेकर खेती कर रहे किसानों के नाम जमीन की जा सकेगी। मालिकाना हक के लिए उन्हें बाजार मूल्य के आधार पर जमीन की कीमत चुकानी होगी। विधेयक के बाद विवादित जमीनों को वैध रूप से किसानों और ग्रामीणों के नाम किया जा सकेगा। यहां बात दें कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 5 मार्च, 2024 को हुई कैबिनेट मीटिंग में शामलात भूमि को 20 साल पहले पट्टे पर लेने वाले किसानों को मालिकाना हक देने के लिए निर्णय लिया था। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने की वजह से कानून में बदलाव नहीं किया हो सका। 12 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंचायती जमीन पर 31 मार्च, 2004 से पहले तक अधिकतम 500 वर्ग तक का घर बना चुके परिवारों के निर्माण वैध करने की मंजूरी दी गई। इतना ही नहीं, खेती के लिए 20 साल के लिए पट्टे पर दी गई शामलात देह जमीन को शामलात देह के दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया गया। जमीन को किसान के पक्ष में करने के लिए हरियाणा ग्राम साझी भूमि (विनियमन) अधिनियम 1961 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। मूल पट्टेदार, हस्तांतरित व्यक्ति या उनके कानूनी उत्तराधिकारी को स्वामित्व अधिकारों के हस्तांतरण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत को एक राशि का भुगतान करना होगा।

सरकार ने विधेयक में यह भी तय कर दिया है कि प्राकृतिक आपदा में अब कृषि भूमि के मालिक की जगह पट्टेदारों को मुआवजा मिलेगा। कृषि भूमि को पट्टे पर देने के लिए सरकार नियम बनाने जा रही है। भू-मालिकों और पट्टेदारों के बीच विवाद को खत्म करने के लिए मंगलवार को हरियाणा कृषि भूमि पट्टा अधिनियम विधानसभा में पारित किया जाएगा।

‘पुलिस तंत्र होना चाहिए मजबूत’

थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा अच्छी होनी चाहिए। पुलिस तंत्र मजबूत होना चाहिए, ताकि अपराधियों में पुलिस का डर हो। मगर हैरानी की बात है कि कुरुक्षेत्र के सेक्टर-5 में 9 कमरों में स्कूल चल रहा है, जिसमें 22 सेक्शन है और उसी जगह पलिस चौकी चल रही है। अरोड़ा ने आयुष विश्वविद्यालय के धीमे निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2015 में इसकी घोषणा हुई थी, लेकिन अभी तक 10 साल में विश्वविद्यालय की चारदीवारी भी नहीं हुई है। वहीं उन्होंने कुरुक्षेत्र नगर परिषद में बढ़ रहे भ्रष्टाचार सवाल उठाते हुए कहा कि नगर परिषद भ्रष्टाचार का अड्‌डा बन चुका है, सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।

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