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कुलचंदू प्राइमरी स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए कमरे नहीं

ब्लॉक के गांव कुलचंदू में राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पहले से पांचवीं कक्षा तक 46 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में तीन अध्यापकों का स्टाफ है करीब एक वर्ष पहले स्कूल भवन की पुरानी बिल्डिंग कंडम घोषित कर उसकी नीलामी...
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मुस्तफाबाद के गांव कुलचंदू में एक ही कमरे में बैठकर पढ़ते सभी कक्षाओं के बच्चे।-निस
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ब्लॉक के गांव कुलचंदू में राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पहले से पांचवीं कक्षा तक 46 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में तीन अध्यापकों का स्टाफ है करीब एक वर्ष पहले स्कूल भवन की पुरानी बिल्डिंग कंडम घोषित कर उसकी नीलामी भी हो चुकी है, लेकिन कमरों के लिए आज तक कोई ग्रांट नहीं आई। पांचवीं कक्षा तक के सभी बच्चे एक कमरे में ही बैठते हैं जो एजुसेट के लिए बना हुआ है। 1954 में बना स्कूल कमरे बनने की बाट जोह रहा है। स्कूल इंचार्ज रामनाथ ने बताया कि एक वर्ष पहले जब पुराने भवन को कंडम घोषित कर नीलामी की गई थी। उसके पश्चात यू डाइस से ग्रांट की मांग की गई थी, अभी तक कोई ग्रांट नहीं आई। एक ही कमरे में बिठाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। एसएमसी प्रधान सोहनलाल ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग शिक्षा में सुधार के दावे कर रहा है, लेकिन कुलचंदू स्कूल में स्थिति बिलकुल विपरीत है, यहां बच्चों के बैठने के लिए कमरे ही नहीं बन रहे। इससे नये सेशन में एडमिशन पर भी बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने शीघ्र कमरों के लिए ग्रांट देने की मांग की।

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