पहली बार गूंजा राज्यगीत, सत्र में दिखा अनुशासन और एकता
विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र कल्याण के कुशल संचालन में सदन ने अनुशासन, गंभीरता और सकारात्मकता का नया उदाहरण पेश किया। उन्होंने सभी पक्षों को समान अवसर देते हुए सुनिश्चित किया कि सदन में बहस के दौरान भी कार्यवाही नियंत्रित और सुव्यवस्थित बनी रहे। सत्र समाप्ति के अगले दिन बृहस्पतिवार को स्पीकर ने सचिवालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर भविष्य की योजना साझा की।
इसमें विधायी प्रारूपण के प्रशिक्षण के साथ-साथ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित रिकॉर्डिंग और अनुवाद की व्यवस्था लागू करने का निर्णय शामिल है। यह पहल न केवल डिजिटल सुधार है, बल्कि संसदीय पारदर्शिता और जनता के साथ सीधे संवाद को भी बढ़ावा देगी। अध्यक्ष ने बताया कि विधानसचिवालय सेवा नियम 1981 में संशोधन किया जा रहा है और भारत सरकार के पूर्व विधि एवं न्याय सचिव डॉ़ केएन चतुर्वेदी को वरिष्ठ विधिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है।
भविष्य की योजनाएं और जनहित
हरविन्द्र कल्याण ने प्रधानमंत्री के ‘एक राष्ट्र-एक विधान मंडल’ दृष्टिकोण और पटना सम्मेलन के प्रस्तावों के तहत राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना साझा की। इसमें यूएलबी, पंचायती राज, सहकारिता, युवा, महिला, शिक्षा और डीआईपीआर विभाग सहयोग करेंगे। विधानसभा की पत्रिका का प्रकाशन पुनः शुरू किया जाएगा और डिजिटल एवं प्रिंट गैलरी की स्थापना की जाएगी। एआई तकनीक का इस्तेमाल अब रिकॉर्डिंग, अनुवाद और दस्तावेज़ीकरण में होगा, जिससे लोकतंत्र और संसदीय प्रणाली जनता के सामने अधिक पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत होगी।