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हरियाणा में ‘समाधान से विकास’ योजना कल तक बढ़ी

बिल्डरों, काॅलोनाइजरों पर 15 हजार करोड़ से अधिक बकाया
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चंडीगढ़, 13 नवंबर (टि्रन्यू)

हरियाणा सरकार ने उन बिल्डरों व काॅलोनाइजरों को बड़ी राहत दी है, जिन पर ईडीसी और सीएलयू फीस की पेमेंट बकाया है। इसके लिए उन्हें एक और मौका देते हुए सरकार ने ‘समाधान से विकास’ योजना को 15 नवंबर तक बढ़ा दिया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

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कोरोना काल के दौरान काॅलोनाइजरों और बिल्डरों को मंदी के दौर से निकालने के लिए विभाग द्वारा 2021 में यह योजना शुरू की गयी थी। प्रदेश में बड़ी संख्या में बिल्डरों और काॅलोनाइजरों पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ईडीसी (बाह्य विकास शुल्क) और सीएलयू (भूमि उपयोगिता परिवर्तन) की राशि बकाया है। सड़कों, पानी और बिजली की आपूर्ति, भूनिर्माण, जल निकासी और सीवेज सिस्टम के रखरखाव, अपशिष्ट प्रबंधन सहित विकसित परियोजना की परिधि के भीतर नागरिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए रियल एस्टेट डेवलपर को बाह्य विकास शुल्क चुकाना होता है। इसी तरह जमीन की सीएलयू के लिए भी शुल्क देना होता है। डिफाल्टर काॅलोनाइजर और बिल्डरों को ‘समाधान से विकास’ योजना का लाभ उठाने के लिए 50 प्रतिशत मूल राशि और 65 प्रतिशत बकाया ब्याज का भुगतान करना होगा। योजना का लाभ उठाने में देरी पर हर महीने ब्याज और जुर्माना राशि में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी होती जाएगी।

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