किसानों को तंग करने की बजाय निकालें हल : The Dainik Tribune

किसानों को तंग करने की बजाय निकालें हल

किसानों को तंग करने की बजाय निकालें हल

सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर नये कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठी महिलाएं।-हप्र

सोनीपत, 28 फरवरी (हप्र)

पिछले 95 दिनों से कुंडली बॉर्डर पर नये कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग लेकर धरने पर बैठे किसानों को समर्थन देने रविवार को कलाकार और पंजाब से वकील पहुंचे। इन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की बात वाजिब है और इसे तुरंत पूरा करें। इधर, किसानों ने मंच से ऐलान किया कि वह पीछे हटने वाले नहीं है, बल्कि हक लेकर ही लौटेंगे। साथ ही किसानों ने सरकार को नसीहत दी कि तंग करने की बजाए सरकार समस्या का हल तलाशे।

रविवार को किसानों के समर्थन में मुंबई से टीवी कलाकार काजल निशाद पहुंचे। उन्होंने मंच से सरकार को चेतावनी दी कि किसानों के धैर्य की परीक्षा न लें। जितनी सरकार देरी कर रही है, उतना ही कारवां बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार पूरी तरह से औद्योगिक घरानों के हाथों में खेल रही है और उनके मोटे फायदे के लिए किसानों को बली बनाना चाहती है। किसान सरकार के ये मंसूबे कभी कामयाब नहीं होने देंगे।

मुख्य मंच पर पहुंचे निशाद व अन्य कलाकारों ने सन्नी दयोल पर खूब चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल फिल्मों में ही पाकिस्तान में नलकूप उखाड़ कर वाहवाही लूटते हैं और वास्तव में नकली हीरो साबित होते हैं। सन्नी दयोल ने अपने संसदीय क्षेत्र में भाजपा का सूपड़ा साफ करा दिया। अजय देवगन, अक्षय कुमार व अमिताभ बच्चन नकली हीरो साबित हुए। चंडीगढ़ से पहुंचे एडवोकेट प्रीतकंवल गिल ने कहा कि कृषि कानून 1960 में बना था, जो आजतक भी लागू है। सरकार ने पहले ऐसे कानून बनाए हैं, जिनका पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है। एक साथ दो कानून कैसे चल सकते हैं। यदि ऐसा है तो सभी कानून को दो-दो बनाया जाए।

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