134 ए की बकाया राशि काे लेकर प्राइवेट स्कूल लामबंद
बैठक में एसएलसी (स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट) से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा हुई। संघ ने कहा कि कई बार अभिभावकों को समय पर एसएलसी नहीं मिलती, जिससे बच्चों का दाखिला प्रभावित होता है। इस पर निदेशक ने बताया कि अब ऑटो अपील सिस्टम पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। पहले सात दिन तक एसएलसी जारी करने का दायित्व स्कूल पर रहेगा, उसके बाद मामला खंड शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी तक चला जाएगा।
स्कूल द्वारा रिजेक्शन का कारण पूछकर आगे कार्रवाई होगी। संघ ने एमआईएस पोर्टल खोलने की मांग भी दोहराई ताकि भविष्य में दस्तावेज अपलोड करने में कोई दिक्कत न आए। निदेशक ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने किया। इसमें प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया, संरक्षक महावीर यादव, रोहतास देवा और सुरेंद्र भी शामिल रहे।