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पीजीआई चंडीगढ़ ने महिला का स्वास्थ्य परीक्षण करने से किया मना, कहा : हम राज्य के मामले में दखल नहीं करते

थाने में महिला को थर्ड डिग्री टॉर्चर देने के आरोप का मामला, अब करनाल पुलिस से चर्चा कर करवाएंगे महिला का मेडिकल
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कैथल, 15 जुलाई (हप्र)

सीवन थाना में महिला को थर्ड डिग्री टॉर्चर देने के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आया है। अब इस मामले में पीजीआई चंडीगढ़ के प्रशासन ने महिला सुनीता (काल्पनिक नाम) का स्वास्थ्य परीक्षण करने से मना कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि वे राज्य के मामले में दखल नहीं देंगे। ऐसे में संबंधित विभाग अपने राज्य के मेडिकल कॉलेज या पीजीआई से महिला का स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं। इस मामले की जांच इस समय कैथल पुलिस नहीं, बल्कि करनाल पुलिस की एसआईटी कर रही है। ऐसे में आगामी कार्रवाई करनाल पुलिस की ओर से की जा रही है। वहीं अभी तक महिला को जिला नागरिक अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है। जब यह मामला अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष पहुंचा था तो आयोग ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। इसमें करनाल एडीजीपी कार्यालय से फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, रोहतक पीजीआई की एक कमेटी बनाने, सीवन में निजी डॉक्टर को आयोग में उपस्थित होने व पुलिस को तलब किया था। वहीं इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि उन्हें अभी तक चंडीगढ़ पीजीआई प्रशासन से लिखित में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली। अभी इस बारे में मौखिक रुप से ही जानकारी मिली है। यदि पीजीआई प्रशासन लिखित में कोई पत्र जारी करता है तो रोहतक पीजीआई या करनाल मेडिकल कॉलेज से महिला का स्वास्थ्य परीक्षण करवाएंगे। यह स्वास्थ्य परीक्षण जांच कर रही पुलिस के माध्यम से होगा।

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अभी तक ऐसे चला घटनाक्रम

जानकारी के मुताबिक 26 जून को सीवन क्षेत्र से एक युवती लापता हो गई थी। 27 जून को पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया। 29 को एक महिला को युवती भगाने के आरोप में जांच में शामिल किया। 29 जून को उक्त महिला ने सीवन थाने में पुलिस कर्मियों की ओर से थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप लगाया था। इसी दिन वह अस्पताल में दाखिल हुई। 30 जून को सीवन के कई राजनैतिक और दलित संगठन के लोग महिला के पक्ष में आए और डीसी व एसपी से मुलाकात की। एक जुलाई को पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए। 2 जुलाई को 3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीवन थाना में केस दर्ज किया गया। अगले दिन  3जुलाई को एसपी ने चंडीगढ़ पीजीआई के निदेशक को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पत्र लिखा। 7 जुलाई को लापता युवती को पुलिस ने तलाशा। इसी दिन युवती ने 2 युवकों पर उसके साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया। 7 जुलाई को कैथल पुलिस ने करनाल पुलिस की एसआईटी को जांच सौंपी। 8 जुलाई को महिला आयोग ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश किए जारी। 9 जुलाई को मुख्य आरोपी नसीब की गिरफ्तारी हुई और 11 जुलाई को हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग कैथल पहुंचा और जांच को आगे बढ़ाते हुए कई बिंदुओं पर अधिकारियों से एक सप्ताह में जवाब मांगा।

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