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कांग्रेस में अब ‘चेहरे की राजनीति’ नहीं, जारी हुआ फोटो प्रोटोकॉल !

बैनर, पोस्टर और होर्डिंग पर अब तय होगा कौन दिखेगा और कौन नहीं

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राव नरेंद्र सिंह। -फाइल फोटो
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हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी के शोर के बीच प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अब पार्टी अनुशासन की नई पटकथा लिख दी है। वर्षों से जारी ‘किसकी फोटो ऊपर, किसकी नीचे’ वाली अंदरूनी लड़ाई को रोकने के लिए उन्होंने एक सख्त आदेश जारी किया है, जो सीधे तौर पर कांग्रेस के भीतर ‘चेहरे की राजनीति’ पर अंकुश लगाने वाला माना जा रहा है। नया सर्कुलर साफ कहता है कि अब पार्टी के किसी भी कार्यक्रम - चाहे रैली हो, सम्मेलन, पदयात्रा या जयंती समारोह में बैनर-पोस्टर, होर्डिंग और डिजिटल सामग्री पर फोटो का एक तय क्रम रहेगा। कोई भी नेता अपने हिसाब से पोस्टर डिज़ाइन नहीं करवा सकेगा। सर्कुलर में कहा गया है कि दस नेताओं के फोटो लगाने होंगे। इनमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, बीके हरिप्रसाद, राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा व दीपेंद्र हुड्डा शुमार हैं।

फोटो का क्रम भी तय

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इन दस नेताओं की तस्वीरें ही हर पोस्टर पर होंगी। फोटो का क्रम भी साफ है। यानी राष्ट्रीय नेतृत्व ऊपर, प्रदेश नेतृत्व बाद में।

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यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला स्तर पर स्थानीय अध्यक्ष की फोटो केवल नीचे बाईं ओर लगाई जा सकेगी। राव नरेंद्र सिंह ने ‘एक पोस्टर-एक पार्टी’ का नया नारा देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हरियाणा कांग्रेस अब इसी नए नारे के साथ आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि यह आदेश हरियाणा कांग्रेस के लिए राजनीतिक अनुशासन का ‘रीसेट’ बटन साबित हो सकता है।

गुटबाज़ी पर सीधा वार

पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा कांग्रेस कई बार पोस्टर पॉलिटिक्स की वजह से सुर्खियों में रही है। कहीं दीपेंद्र हुड्डा की तस्वीर हटाई गई तो कहीं सुरजेवाला या सैलजा की। कुछ जिलों में तो नेताओं के समर्थकों ने एक-दूसरे के पोस्टर तक फाड़ दिए थे।

ऐसे में राव नरेंद्र सिंह का यह कदम सीधे तौर पर आंतरिक सत्ता संघर्ष और गुटबाजी पर प्रहार माना जा रहा है।

एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के शब्दों में, ‘यह सिर्फ पोस्टर प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि सत्ता संतुलन का संकेत है। अब पार्टी में फोटो लगाने का अधिकार नहीं, अनुशासन ही पहचान होगा।’

संदेश साफ : संगठन पहले, नेता बाद में

राव नरेंद्र सिंह ने पत्र में लिखा है कि भविष्य में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में पार्टी प्रोटोकॉल के अनुसार फोटो का प्रयोग किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब से पार्टी का हर आयोजन संगठन-केंद्रित होगा, न कि व्यक्ति-केंद्रित। यह सर्कुलर सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजा है, ताकि कोई भी स्थानीय स्तर पर इस निर्देश को अनदेखा न करे।

पार्टी हाईकमान ने बनाई है रणनीति

माना जा रहा है कि यह आदेश केवल एक ‘प्रोटोकॉल’ नहीं, बल्कि कांग्रेस हाईकमान की रणनीति का हिस्सा है - जहां संगठन को फिर से अनुशासन और एकता के रास्ते पर लाया जा रहा है। हरियाणा में भूपेंद्र हुड्डा, कुमारी सैलजा व रणदीप सिंह सुरजेवाला गुटों के बीच चल रहे वर्चस्व युद्ध के बीच यह सर्कुलर ‘संतुलन साधने की कोशिश’ भी माना जा रहा है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राव नरेंद्र सिंह ने पहला ही वार वहां किया है, जहां कांग्रेस सबसे ज्यादा घायल थी। यानी चेहरों की लड़ाई पर।

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